Rupee vs Dollar: पिछले कुछ दिनों से अमेरिकी डॉलर में मजबूती और भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के चलते रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ था। हालांकि, सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार, 30 सितंबर 2025 को रुपये में हल्की राहत देखी गई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और घरेलू शेयर बाजार की सकारात्मक शुरुआत से भारतीय रुपया तीन पैसे की मजबूती के साथ 88.72 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपये को मिली राहत मुद्रा बाजार के जानकारों का मानना है कि डॉलर में आई मामूली कमजोरी, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट और घरेलू इक्विटी बाजार में सकारात्मक रुझान ने रुपये को सपोर्ट किया। हालांकि, विदेशी पूंजी की निकासी और डॉलर की मासांत मांग ने रुपये की तेजी को सीमित कर दिया। सोमवार को रुपया 88.75 पर बंद हुआ था, जबकि मंगलवार को शुरुआती कारोबार में यह 88.73 पर खुला और 88.72 पर मजबूत होता नजर आया। रिसर्च एनालिस्ट की राय मिराए एसेट शेयरखान के मुद्रा विशेषज्ञ अनुज चौधरी ने बताया कि, “कमजोर घरेलू बाजार और आयातकों की मासांत डॉलर खरीदारी के चलते रुपये पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, अगर डॉलर इंडेक्स कमजोर होता है या आरबीआई हस्तक्षेप करता है, तो रुपये को सहारा मिल सकता है।” इसके साथ ही बाजार की नजर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर है, जिसकी घोषणा बुधवार को होगी। इसकी नीति दिशा और ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसले से रुपये की दिशा तय हो सकती है। शेयर बाजार में बढ़त घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूत शुरुआत की। बीएसई सेंसेक्स में 312.88 अंकों की बढ़त के साथ यह 80,677.82 पर खुला। एनएसई निफ्टी 50 भी 96.90 अंकों की तेजी के साथ 24,731.80 पर पहुंच गया। टॉप गेनर्स में टाइटन, एशियन पेंट्स और पावर ग्रिड शामिल हैं।इसके अलावा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है, जिससे बाजार की समग्र धारणा मजबूत बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 0.79% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 67.43 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे भारत के आयात बिल पर दबाव कम होने की संभावना है, जो रुपये को मजबूती देने में सहायक साबित हो सकता है। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अभी भी बिकवाली की स्थिति में हैं। सोमवार को एफआईआई ने 2,831.59 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे घरेलू बाजार पर हल्का दबाव बना रहा। फिलहाल रुपये में आंशिक सुधार देखा गया है, लेकिन लंबी अवधि में इसके प्रदर्शन पर डॉलर इंडेक्स की चाल, क्रूड ऑयल की कीमतें, और RBI की मौद्रिक नीति की दिशा अहम भूमिका निभाएंगे। अगर वैश्विक बाजारों में स्थिरता बनी रहती है और घरेलू आर्थिक संकेतक बेहतर होते हैं, तो आने वाले दिनों में रुपया और मजबूत हो सकता है। Read More : Team India Players Welcomed: पाकिस्तान को हराने के बाद Team India का भव्य स्वागत, तिलक वर्मा और सूर्या के सम्मान में गूंजे नारे
















