Russia Hypersonic Missile : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने हाल ही में ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल का ऐलान किया, जो अब रूसी सेना के पास पहुंच चुकी है। यूक्रेन के साथ जारी युद्ध पर एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पुतिन ने यह दावा किया और बताया कि पिछले साल नवंबर में रूस ने इस मिसाइल का परीक्षण यूक्रेन के एक सैन्य कारखाने पर किया था। पुतिन के इस ऐलान ने यूरोप और अमेरिका में चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि इस मिसाइल की रेंज इतनी लंबी है कि यह यूरोप और अमेरिका को एक झटके में निशाना बना सकती है।

मिसाइल का निर्माण पूरा, बेलारूस को आपूर्ति की योजना
पुतिन ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल का निर्माण अब पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि बेलारूस को इस मिसाइल की आपूर्ति इस साल के अंत तक सुलझ जाने की संभावना है, और दोनों देशों के विशेषज्ञ इस मिसाइल की तैनाती के लिए स्थिति तैयार करने पर काम कर रहे हैं। यह मिसाइल अब रूस की सैन्य ताकत को और मजबूत कर सकती है और पश्चिमी देशों के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है।

ओरेशनिक मिसाइल की खतरनाक विशेषताएं
ओरेशनिक मिसाइल एक अत्याधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइल है, जो मैक 10 की स्पीड (12300 किमी प्रति घंटा) से उड़ सकती है। इसकी मारक रेंज 1,000 से लेकर 5500 किमी तक है, यानी यह आसानी से यूरोप और पश्चिमी अमेरिका तक पहुंच सकती है। इस मिसाइल में परमाणु वॉरहेड्स भी लगाए जा सकते हैं, जिससे यह और भी खतरनाक बन जाती है। इसके अलावा, ओरेशनिक मिसाइल रडार और पारंपरिक एयर डिफेंस सिस्टम से बच निकलने में माहिर है, जिससे यह उन देशों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, जिनके पास एंटी-मिसाइल सिस्टम हैं।
रडार से बचने की क्षमता और सुरक्षा
ओरेशनिक मिसाइल पारंपरिक रडार और एयर डिफेंस सिस्टम जैसे THAAD, Aegis और SM-3 ब्लॉक-2A से बच सकती है, क्योंकि यह ऊपरी वायुमंडल में उड़ती है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ एयर डिफेंस सिस्टम, जैसे SM‑3, Aegis Ashore और Arrow‑3, आंशिक तौर पर इसे इंटरसेप्ट कर सकते हैं। रूस ने जून 2025 तक इस मिसाइल के उत्पादन को और बढ़ाने का ऐलान किया है, और इसके बाद इसकी तैनाती बेलारूस में भी की जाएगी, हालांकि इस पर अंतिम सहमति अभी बाकी है।
यूक्रेन में रूस की बढ़ती स्थिति
पुतिन ने यह भी बताया कि रूस की सेना यूक्रेन के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही है। उन्होंने डोनेट्स्क, लुगांस्क, जापोरोज़े और खेरसॉन क्षेत्रों का जिक्र किया, जिन्हें अब रूसी सेना अपने नियंत्रण में ला रही है। पुतिन ने इन सफलता की वजह सैनिकों के साहस और वीरता को बताया और कहा कि रूस केवल अपना क्षेत्र वापस ले रहा है, वह किसी विदेशी क्षेत्र पर कब्जा नहीं कर रहा है।
शांति वार्ता के लिए तैयार है रूस
हालांकि पुतिन ने यह भी कहा कि रूस हमेशा शांति वार्ता के लिए तैयार है, खासकर जब यह बातचीत शांति की इच्छा से आधारित हो। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले महीने तुर्की के इस्तांबुल में रूस और यूक्रेन के बीच सीधी बातचीत हुई थी, जिसमें युद्धबंदी, शहीद सैनिकों और नागरिकों के शवों की अदला-बदली पर सहमति बनी थी। पुतिन ने यह भी कहा कि रूस ने राजनीतिक, मानवीय और सैन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए तीन ऑनलाइन कार्य समूहों के गठन का प्रस्ताव रखा है।
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