Russia war preparation: रूस की धरती, समंदर और आसमान से तबाही मचाने की तैयारी… अमेरिका की खुफिया रिपोर्ट में खुलासा

Russia war preparation: रूस की परमाणु शक्ति को लेकर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों की एक रिपोर्ट ने दुनिया की नींद उड़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने तीनों क्षेत्रों—जमीन, समुद्र और आसमान—से परमाणु हमला करने की पूरी तैयारी कर ली है। यह रिपोर्ट अमेरिकी संस्था FAS (Federation of American Scientists) ने तैयार की है और इसे बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स की ‘न्यूक्लियर नोटबुक’ में प्रकाशित किया गया है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 तक रूस के पास कुल 5,459 परमाणु वॉरहेड्स हैं, जिनमें से 1,718 वॉरहेड्स तैनात स्थिति में हैं। शेष में 2,591 रिजर्व में और 1,150 रिटायर किए जा चुके हैं। अमेरिका का मानना है कि रूस ने सामरिक ठिकानों से लेकर समुद्र की गहराइयों और आसमान की ऊंचाइयों तक से हमले की व्यवस्था पूरी कर ली है।

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समंदर से तबाही: SLBM और MIRV से लैस हैं रूस की पनडुब्बियां

रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने अपनी सबमरीन से लॉन्च की जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों (SLBM) जैसे ‘बुलावा’ और ‘सिनेवा’ को समुद्र में तैनात कर दिया है। ये मिसाइलें MIRV तकनीक से लैस हैं, जिससे एक ही मिसाइल से कई वॉरहेड्स अलग-अलग टारगेट पर गिर सकते हैं।

समंदर में रूस ने कुल 992 एटमी वॉरहेड्स तैनात किए हैं। हर वॉरहेड की क्षमता 400 से 600 किलोटन के बीच है, जो एक बड़े शहर को पूरी तरह तबाह करने के लिए काफी है।

धरती पर विनाश की तैयारी: ICBM मिसाइलें रेडी

इंटरकॉंटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) के क्षेत्र में रूस ने कई शक्तिशाली हथियारों को तैनात किया है:

  • RS-20V: 34 लॉन्चर

  • Avangard: 12 लॉन्चर

  • RS-12M: 18 लॉन्चर

  • RS-12M2: 60 लॉन्चर

  • RS-24 यार्स: 180 लॉन्चर

  • RS-28 सरमत: 3 लॉन्चर

इन मिसाइलों पर कुल 1,254 वॉरहेड्स तैनात हैं। ये सभी MIRV तकनीक से लैस हैं, यानी एक ही मिसाइल से कई टारगेट्स पर हमला संभव है।

समान से हमला: बॉम्बर्स भी तैयार

रूस के पास 52 Tu-95MS और 15 Tu-160 स्ट्रैटेजिक बॉम्बर्स हैं, जिन पर एयर लॉन्च्ड क्रूज मिसाइलें (ALCM) तैनात हैं। इससे रूस आसमान से भी हमला कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इन बॉम्बर्स से 586 परमाणु वॉरहेड्स लॉन्च के लिए तैयार हैं।

नाटो के पास जवाब नहीं, अमेरिका चिंतित

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नाटो के पास रूस की इस मिसाइल शक्ति का कोई पुख्ता जवाब नहीं है। अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच इस बात को लेकर चिंता गहराती जा रही है कि अगर रूस ने अचानक हमला किया तो तत्काल प्रतिक्रिया देना मुश्किल होगा।

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी जोड़ा गया है कि रूसी परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण में कुछ देरी हो रही है। लेकिन फरवरी 2026 में न्यू स्टार्ट संधि खत्म होते ही रूस वॉरहेड्स की संख्या 60% तक बढ़ा सकता है।

अमेरिकी रिपोर्ट इस बात की चेतावनी देती है कि रूस किसी भी समय तीनों मोर्चों से परमाणु हमला करने की स्थिति में है। यह वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे में अमेरिका और नाटो देशों को अपनी रणनीति और रक्षा प्रणाली पर पुनर्विचार करना होगा, वरना दुनिया एक नई जंग की ओर बढ़ सकती है।

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