Sachin Pilot News : कांग्रेस नेता और पंजाब के प्रभारी सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के रवैये पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की आलोचना की है। विपक्षी सांसदों को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद पायलट ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि करीब 200 से 250 विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्त से मिलकर अपनी चिंताएं सामने रखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें मुलाकात का अवसर नहीं मिल रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिहाज से चिंताजनक बताया।
सांसदों को हिरासत में लेने पर सरकार को घेरा
सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों को बातचीत का अवसर देने के बजाय बसों में बैठाकर पुलिस थानों तक ले जाया जाता है। उनके मुताबिक, सांसद चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों के जवाब चाहते हैं, लेकिन उनकी बात सुनने की कोशिश नहीं हो रही है। पायलट ने इस स्थिति के लिए सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त या अन्य चुनाव अधिकारियों से सवाल किए जाते हैं, तब जवाब भाजपा के प्रवक्ताओं की ओर से आने लगते हैं। उन्होंने इसे असामान्य स्थिति बताया।
‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर क्या बोले पायलट?
कांग्रेस नेता ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उठ रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों का भी जिक्र किया। पायलट के अनुसार, जब ऐसे गंभीर सवाल सामने आते हैं, तो विपक्ष को जवाब मांगने का अधिकार है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के भीतर के लोगों ने भी कानून बनाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों और कानूनों की वैधता से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। पायलट ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना विपक्ष की जिम्मेदारी है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन पर टिप्पणी
पायलट ने आरोप लगाया कि जब भी राहुल गांधी चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाते हैं, तो बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों से दूसरी जगह पहुंचा दिया जाता है। पायलट के मुताबिक, विरोध करने वाले जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक संवाद को कमजोर कर सकता है। विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर अपनी मांगें लगातार उठा रहे हैं।
राजघाट पर इंडिया गठबंधन का सत्याग्रह
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं के विरोध में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली में कई दिनों तक प्रदर्शन किया। गुरुवार को विरोध के लगातार तीसरे दिन गठबंधन के नेता राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई नेता मौजूद रहे। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जारी रखने का संकल्प जताया।
चुनाव आयोग और भाजपा का पक्ष भी अहम
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में गड़बड़ियां हुई हैं और उनकी शिकायतों का संतोषजनक समाधान नहीं किया गया। दूसरी ओर, भाजपा और चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की खबरें भी सामने आईं तथा दिल्ली पुलिस ने संबंधित मामलों में एफआईआर दर्ज की हैं। अब इस विवाद में आगे की कार्रवाई और चुनाव आयोग की ओर से विपक्ष की मांगों पर संभावित प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
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