Sahjan Benefits
Sahjan Benefits : सहजन, जिसे अंग्रेजी में मोरिंगा (Moringa) या ड्रमस्टिक के नाम से जाना जाता है, प्रकृति द्वारा दिया गया एक ऐसा अनमोल उपहार है जिसे आयुर्वेद में ‘महाऔषधि’ का दर्जा प्राप्त है। यह केवल एक सब्जी नहीं, बल्कि एक ऐसा पेड़ है जिसके पत्ते, फूल, फलियां और यहां तक कि जड़ें भी स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं। आयुर्वेद के अनुसार, सहजन की मदद से लगभग 300 से अधिक बीमारियों का उपचार किया जा सकता है। आज के समय में, जब लोग अपनी सेहत को लेकर अधिक जागरूक हो रहे हैं, सहजन को एक ‘सुपरफूड’ के रूप में देखा जा रहा है।
सहजन का नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और कई गंभीर बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। इसके विभिन्न अंगों के औषधीय उपयोग नीचे दिए गए हैं:
डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल: सहजन की पत्तियां चबाने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। साथ ही, यह शरीर में बढ़े हुए खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मदद करता है।
टाइफाइड और बुखार: सहजन की जड़ों को पानी में उबालकर पीने से टाइफाइड जैसे संक्रमण में राहत मिलती है।
हड्डियों का दर्द (गठिया): जोड़ों के दर्द और गठिया की समस्या में सहजन की पत्तियों का सेवन या इनका लेप काफी असरदार होता है।
लिवर और डिटॉक्स: यह लिवर को स्वस्थ रखने और शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने में मदद करता है।
सिर दर्द और गले की समस्या: सिर दर्द होने पर इसकी पत्तियों का लेप लगाएं। वहीं, गला बैठने पर इसकी जड़ का काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से तुरंत लाभ मिलता है।
शारीरिक कमजोरी: यदि आप कमजोरी महसूस करते हैं, तो सहजन के फूलों को पानी में उबालकर पीने से ऊर्जा मिलती है।
सहजन को पोषक तत्वों का ‘पावरहाउस’ कहा जाता है। इसमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स की मात्रा हमें हैरान कर देती है। वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, सहजन की पत्तियों में सामान्य खाद्य पदार्थों की तुलना में कई गुना अधिक पोषण होता है।
तुलनात्मक रूप से देखें तो 100 ग्राम सहजन की पत्तियों में:
संतरे से 7 गुना अधिक विटामिन C।
दूध से 17 गुना अधिक कैल्शियम।
केले से 15 गुना अधिक पोटैशियम।
दही से 9 गुना अधिक प्रोटीन।
पालक से 25 गुना अधिक आयरन।
इसके अतिरिक्त, इसमें विटामिन A, E, K के साथ-साथ मैंगनीज और मैग्नीशियम भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
सहजन की पत्तियों को सुखाकर उसका पाउडर बनाया जा सकता है, जिसे स्मूदी, सूप या दाल में मिलाकर लिया जा सकता है। इसकी फलियों का उपयोग सांभर, सब्जी या कढ़ी में किया जाता है। चूंकि इसमें फाइबर की मात्रा बहुत अधिक और कैलोरी बहुत कम होती है, इसलिए यह वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प है। इसके पत्तों का जूस सुबह खाली पेट पीना शरीर को डिटॉक्स करने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है।
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