संजय दत्त ने 1993 के हथियार मामले को लेकर एक बार फिर अपनी भावनाएं साझा की हैं। शेखर सुमन के शो में उन्होंने माना कि उस समय उन्होंने अपने मन की चेतावनी को नजरअंदाज किया था। अभिनेता ने पिता सुनील दत्त के भावुक पल को भी याद किया।
संजय दत्त ने 1993 के हथियार मामले को लेकर एक बार फिर अपनी भावनाएं साझा की हैं। शेखर सुमन के शो में उन्होंने माना कि उस समय उन्होंने अपने मन की चेतावनी को नजरअंदाज किया था। अभिनेता ने पिता सुनील दत्त के भावुक पल को भी याद किया।

Sanjay Dutt Interview : बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त अपनी फिल्मों के साथ-साथ निजी जिंदगी में आए उतार-चढ़ाव को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। नशे की लत से संघर्ष और जेल जाने तक, उनकी जिंदगी में कई मुश्किल दौर आए। इनमें सबसे चर्चित मामला 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अवैध हथियार रखने से जुड़ा था। अब अभिनेता ने शेखर सुमन के शो ‘शेखर टुनाइट’ में इस विवाद पर बात करते हुए अपनी गलती स्वीकार की और उस फैसले पर अफसोस जताया, जिसने उनकी जिंदगी को गहराई से प्रभावित किया।

1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की जांच के दौरान संजय दत्त का नाम अवैध हथियार रखने के मामले में सामने आया था। अप्रैल 1993 में उन्हें प्रतिबंधित हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में AK-56 राइफल भी शामिल थी। बाद में उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया और जेल की सजा भुगतनी पड़ी। शो में इस पुराने घटनाक्रम को याद करते हुए संजय दत्त ने कहा कि हथियार अपने पास रखने के लिए सहमति देते समय उन्हें भीतर से कुछ गलत होने का एहसास हो रहा था।

संजय दत्त के मुताबिक, उस समय उनके मन में आशंका थी कि हथियार रखना सही फैसला नहीं होगा। इसके बावजूद उन्होंने अपने मन की बात को नजरअंदाज कर दिया। उन्हें लगा कि हथियार कुछ ही दिनों के लिए अपने पास रखने से कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी। अभिनेता ने माना कि उस समय वह अपने फैसले के गंभीर परिणामों का अंदाजा नहीं लगा पाए थे। इस अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि इंसान को अपने भीतर उठने वाली चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए और किसी भी फैसले से पहले उसके संभावित नतीजों पर विचार करना चाहिए।
शो में अपनी बात रखते हुए संजय दत्त ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में गलती उनकी थी। उन्होंने बताया कि उस समय उनका मन उन्हें हथियार रखने से रोक रहा था, लेकिन दिमाग ने यह सोचकर फैसले को आसान बना दिया कि कुछ दिनों तक हथियार रखने में कोई नुकसान नहीं होगा। अभिनेता ने कहा कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि इस फैसले के परिणाम इतने गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने कानून की जानकारी रखने और उसका पालन करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनके बयान से जाहिर हुआ कि वह आज भी उस घटना को अपनी जिंदगी का एक अहम सबक मानते हैं।
संजय दत्त ने बातचीत में उस भावुक पल को भी याद किया, जब गिरफ्तारी के दौरान उनके पिता सुनील दत्त की आंखों में आंसू आ गए थे। अभिनेता के मुताबिक, पुलिस जब उन्हें हथकड़ी पहना रही थी, तब अपने बेटे की स्थिति देखकर उनके पिता बेहद दुखी हो गए थे। संजय दत्त ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, पिता को इस तरह टूटते देखकर अभिनेता खुद भी भीतर से भावुक हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने बाहर से मजबूत बने रहने की कोशिश की, ताकि पिता को संभाल सकें।

संजय दत्त हाल ही में इसी शो में दिए गए एक अन्य बयान को लेकर भी चर्चा में आ गए थे। एक टास्क के दौरान उन्होंने कहा था कि उन्हें भारत में अब पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हुई। इसके बाद अभिनेता ने सफाई देते हुए कहा कि शो में कही गई बात उनकी प्रस्तुति का हिस्सा थी। पुराने हथियार मामले पर उनकी हालिया टिप्पणी ने एक बार फिर उनके जीवन के विवादित दौर और उससे मिले सबक को चर्चा में ला दिया है।

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company.
Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.
