Sanjay Raut Congress : महाराष्ट्र की सियासत में बयानों का दौर लगातार गरमाता जा रहा है। पुणे में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के फायरब्रांड नेता और सांसद संजय राउत ने कांग्रेस पार्टी का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस कोई ‘डूबता हुआ जहाज’ नहीं है, जैसा कि विरोधी दावा कर रहे हैं। राउत का यह आक्रामक बयान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने एक दिन पहले कांग्रेस को डूबता हुआ जहाज बताया था। राउत ने उन सभी नेताओं से वापस लौटने की अपील की जो पूर्व में कांग्रेस छोड़कर अपनी अलग राजनीतिक राह चुन चुके हैं।

भाजपा की विकृत राजनीति के खिलाफ शरद पवार से पहल की उम्मीद
संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सियासी रणनीतियों का मुकाबला करने के लिए पूरे विपक्ष को एक मंच पर आने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार से इस दिशा में एक मजबूत और प्रभावी पहल करने की विशेष अपील की। राउत ने कहा, ‘अगर हम वास्तव में भाजपा की इस विकृत और दमनकारी राजनीति के खिलाफ एक ईमानदार लड़ाई लड़ना चाहते हैं, तो हम सभी को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होना होगा। इसके लिए देश में कांग्रेस पार्टी का मजबूत होना बेहद जरूरी है। हम एक क्षेत्रीय दल हैं, लेकिन इस मुहिम में हम पूरी ताकत के साथ आपके पीछे खड़े रहेंगे।’

‘पीएम मोदी आज भी कांग्रेस से डरते हैं, भाजपाई कायर हैं’
शिवसेना (यूबीटी) के मुख्य प्रवक्ता ने दावा किया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भी वैचारिक रूप से केवल कांग्रेस पार्टी से ही डरते हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और शरद पवार की राकांपा जैसी पार्टियों को फिर से कांग्रेस के साथ आने और मुख्यधारा को मजबूत करने की सलाह दी। भाजपा के इतिहास पर सवाल उठाते हुए राउत ने तीखा हमला बोला और कहा, ‘वे हमें एक प्रतिशत भी ऐसा काम दिखाएं जो उन्होंने देश हित में किया हो। भाजपा के लोग न तो देश के स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा थे और न ही उन्होंने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में कोई योगदान दिया था। इन ऐतिहासिक आंदोलनों के समय इनका कोई वजूद नहीं था, ये लोग पूरी तरह कायर हैं।’
‘ऑपरेशन टाइगर’ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला
पार्टी के सांसदों में कथित असंतोष और चर्चा में चल रहे ‘ऑपरेशन टाइगर’ के सवाल पर संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले भी सौ बार ऐसे तथाकथित ऑपरेशन चला चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्थापित राजनीतिक दलों और उनके वफादार नेताओं को डरा-धमका कर तोड़ना लोकतंत्र की विकृत मानसिकता का सबसे बड़ा परिचायक है। वर्तमान भाजपा नेतृत्व के दौर में विपक्षी दलों को कमजोर करने की यह प्रवृत्ति अपने चरम पर पहुंच चुकी है, लेकिन राउत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि एक दिन इस दमनकारी नीति का अंत निश्चित है और देश व राज्य की जनता इसके खिलाफ बड़ा विद्रोह करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई बेहद विवादित टिप्पणी
संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक व्यक्तित्व की आलोचना करते हुए एक बेहद विवादित और तीखा बयान दे डाला। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा अघोरी और क्रूर व्यक्ति कभी नहीं देखा है। देश की राजनीति में इससे पहले कभी ऐसा डरावना माहौल पैदा नहीं हुआ था। भारत की पावन धरती ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, पीवी नरसिंह राव, राजीव गांधी, बाबा साहेब आंबेडकर और श्रद्धेय बालासाहेब ठाकरे जैसे अनेक महान और संवेदनशील नेताओं को जन्म दिया है, जिन्होंने हमेशा लोकतंत्र का सम्मान किया।’
अमित शाह और सरकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल
अपने बयान के आखिरी हिस्से में संजय राउत ने प्रधानमंत्री के भौगोलिक संदर्भ को जोड़ते हुए विवादित टिप्पणी की और पूछा कि क्या क्रूर शासक औरंगजेब का जन्म गुजरात की धरती पर नहीं हुआ था? इसके साथ ही उन्होंने देश की स्वायत्त संस्थाओं को भी आड़े हाथों लिया। राउत ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री का ध्यान देश की आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के बजाय विपक्षी सरकारों को गिराने जैसे अन्य राजनीतिक मामलों में अधिक लगा रहता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे देश के जज पिकनिक मनाने लंदन चले जाते हैं और हमारा निर्वाचन आयोग पूरी तरह भाजपा के एक राजनीतिक एजेंट के रूप में काम कर रहा है।











