Iran US Historic Deal : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मोर्चे पर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से वैश्विक समुदाय को सूचित किया है कि लंबे समय से कट्टर विरोधी रहे अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता होने के बेहद करीब पहुंच चुका है। शहबाज शरीफ के अनुसार, अगले 24 घंटे के भीतर दोनों महाशक्तियों के बीच इस डील पर अंतिम मुहर लग सकती है। उन्होंने रेखांकित किया कि दोनों देशों के बीच शांति बहाली को लेकर तय की गई तमाम कड़े नियमों और शर्तों पर पूरी तरह सहमति बन चुकी है, जो वैश्विक शांति की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।
सोशल मीडिया पर दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व को किया टैग
इस संभावित महासमझौते के बड़े दावे के साथ किए गए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं को भी शामिल किया है। उन्होंने अपने एक्स (पहले ट्विटर) पोस्ट में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो को सीधे तौर पर टैग किया है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची को भी इस पोस्ट में टैग करते हुए इस त्रिपक्षीय कूटनीतिक वार्ता की गंभीरता को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है। इस पोस्ट के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है।
अगले 24 घंटे में फाइनल ड्राफ्ट और पाकिस्तान की भूमिका
शहबाज शरीफ ने अपने विस्तृत सोशल मीडिया संदेश में लिखा, “हम इस समय अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के इतिहास में सबसे ज़्यादा करीब पहुंच चुके हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि अगले 24 घंटों के भीतर यह समझौता पूरी तरह फाइनल हो जाएगा। इसके तुरंत बाद, पाकिस्तान इस ऐतिहासिक शांति समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से (डिजिटल माध्यम से) हस्ताक्षर करने की अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। इसके बाद, आगामी अगले हफ़्ते से दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की व्यापक कूटनीतिक बातचीत का अगला दौर शुरू होगा, जो इस संधि को धरातल पर उतारेगा।”
अमेरिका और ईरान के शीर्ष नेतृत्व का जताया आभार
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इस बेहद जटिल वार्ता को सफल बनाने के लिए दोनों देशों के धैर्य की सराहना की। उन्होंने आगे कहा, “हम इस मैराथन बातचीत के दौरान लगातार अपनी सकारात्मक प्रतिबद्धता और लचीलापन दिखाने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के नेतृत्व का विशेष रूप से धन्यवाद करना चाहते हैं। इसके साथ ही, इस अशांत क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए हमारे भाइयों द्वारा दिए गए निरंतर समर्थन के लिए हम उनका दिल से आभार व्यक्त करते हैं। हमें पूरा अटूट भरोसा है कि यह ऐतिहासिक शांति समझौता मध्य पूर्व और पूरी दुनिया में स्थायी शांति के लिए एक बेहद मज़बूत आधार स्तंभ बनेगा।”
भ्रामक प्रचार और इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर ईरान का रुख
इससे पहले शुक्रवार को भी शहबाज शरीफ ने एक पोस्ट के जरिए शांति समझौते के मसौदे पर सहमति बन जाने की जानकारी साझा की थी। उन्होंने विरोधियों को सचेत करते हुए कहा था कि पाकिस्तान की ओर से इस समझौते के लिए मध्यस्थता की कोशिशें जारी हैं, लेकिन हम उन लोगों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार से भी पूरी तरह वाकिफ हैं, जो इस डील को नाकाम करना चाहते हैं। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी बातचीत में सकारात्मक प्रगति का स्पष्ट संकेत देते हुए कहा था कि ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ पर इस तरह की व्यापक सहमति इतिहास में पूर्व में कभी नहीं बनी। हालांकि, उन्होंने मीडिया को किसी भी तरह की समयपूर्व अटकलें लगाने से बचने की सलाह भी दी है।
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