Sanjay Raut on Epstein Files
Sanjay Raut on Epstein Files: पूरी दुनिया के प्रभावशाली नेताओं और अरबपतियों की नींद उड़ाने वाले ‘एपस्टीन फाइल्स’ का जिन्न अब भारतीय राजनीति में भी प्रवेश कर चुका है। यौन शोषण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले इस कुख्यात नेटवर्क की फाइलें सार्वजनिक होने के बाद शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। राउत ने सनसनीखेज दावा किया है कि इस विवादास्पद सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के कुछ महत्वपूर्ण सदस्यों के नाम भी शामिल हैं। उनके इस बयान ने देश के सियासी हलकों में खलबली मचा दी है, जिससे आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक टकराव बढ़ने के आसार हैं।
मुंबई में मीडिया कर्मियों से मुखातिब होते हुए संजय राउत ने अपनी बयानबाजी में सीधा हमला केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर बोला। राउत ने आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल्स के खुलासों में हरदीप सिंह पुरी और इस नेटवर्क के बीच संदिग्ध संबंधों के संकेत मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस स्कैंडल के छींटे अब सीधे तौर पर सरकार के शीर्ष तक पहुँच रहे हैं। राउत ने मांग की है कि प्रधानमंत्री को बिना देरी किए उन मंत्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जिनका नाम इस सूची में आ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी हस्तियों के नाम उजागर हो सकते हैं, तो भारत में संदिग्धों को पद पर बने रहने का क्या अधिकार है?
संजय राउत यहीं नहीं रुके; उन्होंने आरोपों की गंभीरता को बढ़ाते हुए कहा कि हरदीप सिंह पुरी ने अपने पद की शक्तियों का कथित रूप से दुरुपयोग किया। राउत का दावा है कि एपस्टीन नेटवर्क से जुड़े कुछ संदिग्ध लोगों को भारत आने के लिए विशेष रूप से वीजा दिलवाने में मदद की गई। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए पूछा, “क्या यह संभव है कि कैबिनेट का कोई मंत्री इतना बड़ा कदम उठाए और प्रधानमंत्री को इसकी भनक तक न हो?” उन्होंने बिल गेट्स के तलाक का उदाहरण देते हुए कहा कि नैतिकता के आधार पर जब विदेशों में बड़े बदलाव हो सकते हैं, तो भारत में चुप्पी क्यों साधी गई है?
जब पत्रकारों ने राउत से इस मामले में और अधिक साक्ष्य मांगे, तो उन्होंने एक सधी हुई कूटनीतिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल इस विषय पर विस्तार से नहीं बोलेंगे क्योंकि विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मुद्दे की बारीकियों को देश के सामने रखने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। हालांकि, उन्होंने यह जरूर स्पष्ट किया कि यह मामला केवल भ्रष्टाचार का नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय नैतिकता और मानवाधिकारों से जुड़ा है। राउत के अनुसार, देश की जनता को यह जानने का हक है कि उनके प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्रियों के तार किन वैश्विक विवादों से जुड़े हैं।
बजट सत्र के दौरान संसद में चल रहे गतिरोध और कांग्रेस की महिला सांसदों के आक्रामक रुख पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की टिप्पणी पर भी संजय राउत ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष को संसद की मर्यादा और आचार संहिता का पूरा ज्ञान है क्योंकि वे मोदी सरकार के आने से बहुत पहले से सदन का हिस्सा रहे हैं। राउत ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को कांग्रेस से खतरा बताना हास्यास्पद है। उन्होंने याद दिलाया कि जिस कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई लड़ी और जिसके योगदान से यह लोकतांत्रिक ढांचा बना है, उसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताना बेबुनियाद है।
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