Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी हलचल का माहौल बन गया है, जहां Shiv Sena (UBT) को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आ रही हैं। चर्चा है कि उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में यह भी कहा जा रहा है कि सांसदों पर दलबदल का दबाव बढ़ रहा है और जल्द ही बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सियासी माहौल काफी गर्म हो गया है।

“ऑपरेशन टाइगर” की चर्चा और शिंदे गुट की रणनीति के दावे
सूत्रों के मुताबिक, कुछ सांसद Shiv Sena के नेताओं के संपर्क में बताए जा रहे हैं। इसी बीच “ऑपरेशन टाइगर” नाम से एक संभावित राजनीतिक रणनीति की चर्चा भी तेज हो गई है, जिसके तहत उद्धव गुट को बड़ा झटका दिए जाने की बात कही जा रही है। माना जा रहा है कि इस रणनीति के जरिए सांसदों के पाला बदलने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि किसी भी पक्ष ने नहीं की है।

संजय राउत का बड़ा आरोप, 15 करोड़ रुपये के ऑफर का दावा
उद्धव गुट के वरिष्ठ नेता Sanjay Raut ने इस पूरे मामले पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि महाराष्ट्र के सांसदों को पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया जा रहा है। राउत ने इसे “चौंकाने वाला और घिनौना” बताया और आरोप लगाया कि यह राजनीतिक खरीद-फरोख्त का मामला है। उन्होंने अपने पोस्ट में राज्य के मुख्यमंत्री को भी टैग करते हुए इस मामले की जांच की मांग उठाई है।
दिल्ली दौरे और सांसदों की गतिविधियों से बढ़ी राजनीतिक हलचल
इसी बीच कई सांसदों के दिल्ली पहुंचने की खबरों ने सियासी अटकलों को और तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि कुछ सांसद अलग-अलग कार्यक्रमों और बैठकों के लिए राजधानी पहुंचे हैं। इनमें उद्धव गुट के कुछ प्रमुख सांसद भी शामिल बताए जा रहे हैं। अचानक हुए इन दौरों के कारण राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कोई बड़ा फैसला या रणनीतिक बैठक हो सकती है। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
6 सांसदों के अलग गुट बनाने और संभावित विलय की अटकलें
सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे गुट के कुल 9 सांसदों में से लगभग 6 सांसद एक अलग गुट बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। कहा जा रहा है कि ये सांसद बाद में शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं और वहां विलय की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। इस बीच यह भी चर्चा है कि सांसदों की एक अहम बैठक श्रीकांत शिंदे के आवास पर हो सकती है, जिसमें एकनाथ शिंदे की मौजूदगी की संभावना जताई जा रही है।
संभावित राजनीतिक झटका और आगामी घटनाक्रम पर नजर
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यदि यह दलबदल होता है तो Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। माना जा रहा है कि 19 जून को शिवसेना के स्थापना दिवस से पहले कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें सांसदों की बैठकों और आगामी फैसलों पर टिकी हैं, जो महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा बदल सकते हैं।











