ED Raid Bhopal 2026 : प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मेडिकल एजुकेशन विभाग में कार्यरत अपर डिवीजन क्लर्क (UDC) हीरो केसवानी की लगभग 1.47 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के गंभीर मामले में की गई है। एजेंसी का कहना है कि यह कदम आगे की जांच और संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है।

जांच की शुरुआत EOW की FIR के आधार पर हुई
ED ने यह जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW), भोपाल द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जांच के दौरान सामने आया कि हीरो केसवानी ने 1 जनवरी 2005 से 3 अगस्त 2022 के बीच अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। एजेंसी के अनुसार, उनकी घोषित आय और वास्तविक संपत्ति में भारी अंतर पाया गया, जो लगभग 286 प्रतिशत तक अधिक था। इस अंतर ने जांच एजेंसियों को मामले को गंभीरता से लेने के लिए मजबूर किया।

घर पर छापेमारी में 86 लाख से अधिक नकदी बरामद
जांच के दौरान EOW ने आरोपी के घर पर छापेमारी की, जिसमें 86.73 लाख रुपये की भारी नकदी बरामद हुई। इतनी बड़ी राशि के बारे में पूछे जाने पर आरोपी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जांच में यह भी सामने आया कि कथित अवैध धन का बड़ा हिस्सा उसकी पत्नी के नाम पर निवेश किया गया था। हालांकि, पत्नी के पास किसी प्रकार की स्वतंत्र आय का स्पष्ट स्रोत नहीं पाया गया, जिससे इस निवेश को उचित ठहराया जा सके।
बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन और संपत्ति छिपाने के प्रयास
ED की जांच में बैंक खातों के विश्लेषण के दौरान कई संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं। एजेंसी का कहना है कि बड़ी मात्रा में नकद जमा और अन्य वित्तीय गतिविधियों के जरिए अवैध धन को वैध दिखाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा, आरोपी ने अपने विभाग में संपत्ति और आय का पूरा विवरण भी सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया। जांच में यह भी पता चला कि कुछ संपत्तियां परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई थीं, ताकि वास्तविक स्वामित्व को छिपाया जा सके।
अटैच संपत्तियों में नकदी, बैंक बैलेंस और अचल संपत्तियां शामिल
ED ने जिन संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है, उनमें अचल संपत्तियां, बैंक खातों में जमा राशि और नकदी शामिल है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि ये सभी संपत्तियां अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) के तहत आती हैं। इन संपत्तियों को बेचने, स्थानांतरित करने या छिपाने की संभावना को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।











