Saudi Arabia Attack : यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित रक्षा मंत्रालय पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के मुताबिक, उनके संगठन ने दुश्मन की राजधानी में रक्षा मंत्रालय को निशाना बनाया और मिसाइल सीधे अपने लक्ष्य पर लगी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

सऊदी अरब ने दो मिसाइलों को रोकने की दी जानकारी
हूतियों का यह दावा सऊदी अरब के उस बयान के बाद आया, जिसमें उसने कहा था कि मंगलवार को उसकी ओर दागी गई दो मिसाइलों को रोक दिया गया। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, रियाद में जोरदार विस्फोटों की आवाजें भी सुनी गईं। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, विस्फोटों और कथित हमले के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

रास तनुरा तेल रिफाइनरी को निशाना बनाने का दावा
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की प्रमुख तेल रिफाइनरियों में शामिल रास तनुरा रिफाइनरी पर भी हमले का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि रिफाइनरी पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई, जिससे वहां आग लग गई। रास तनुरा सऊदी अरब के पूर्वी तट पर फारस की खाड़ी के किनारे स्थित एक महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र है। हालांकि, सऊदी अधिकारियों की ओर से इस कथित हमले और आग लगने की पुष्टि नहीं की गई है।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ा तनाव
सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच सितंबर से संघर्ष तेज होने की खबरें सामने आई हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है, जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के व्यापक क्षेत्रीय प्रभावों को लेकर चिंता बनी हुई है। सऊदी अरब की सुरक्षा और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर संभावित हमलों से क्षेत्रीय स्थिरता तथा तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा सकती है।
हूतियों के साथ समझौते के लिए सऊदी अरब का वित्तीय प्रस्ताव
इस बीच, इजरायली अखबार इजरायल हायोम की 26 अक्टूबर की रिपोर्ट में दावा किया गया कि सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों के साथ संघर्षविराम कराने के लिए एक अरब डॉलर के वित्तीय पैकेज की पेशकश की है। रिपोर्ट में खाड़ी क्षेत्र के राजनयिक सूत्रों के हवाले से कहा गया कि यह प्रस्ताव ईरान की मध्यस्थता से हुए एक समझौते के तहत सामने आया है। हालांकि, इस कथित पेशकश की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

सऊदी बुनियादी ढांचे पर हमले रोकना प्रस्ताव का उद्देश्य
रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय पैकेज का प्रमुख उद्देश्य सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर हूतियों के हमलों को रोकना और संघर्षविराम सुनिश्चित करना है। यदि ऐसा कोई समझौता होता है, तो इससे क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिशों को बल मिल सकता है। लेकिन मिसाइल हमलों के ताजा दावों और कथित आर्थिक प्रस्ताव के बीच क्या संबंध है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
क्या पश्चिम एशिया में बढ़ेगा संघर्ष?
रियाद के रक्षा मंत्रालय और रास तनुरा रिफाइनरी पर हमले के हूती दावों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, सऊदी अधिकारियों की पुष्टि और स्वतंत्र जांच के बिना इन दावों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। आने वाले समय में आधिकारिक बयान और क्षेत्रीय कूटनीतिक गतिविधियां इस घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में अहम होंगी।

