Cyclone Arnab Alert : छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। 27 से 29 अक्टूबर के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं और भारी से अति भारी बारिश की आशंका है। भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात का असर दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल सकता है। प्रशासन को सतर्क रहने और संभावित आपदा से निपटने के लिए तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जन सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चक्रवात के संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से राहत एवं बचाव की व्यवस्थाएं तैयार रखने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। सरकार का जोर जान-माल के नुकसान को कम करने और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर है।

1,769 संवेदनशील गांवों की पहचान
आपदा प्रबंधन की तैयारियों के तहत छत्तीसगढ़ में कुल 1,769 संवेदनशील गांवों की पहचान किए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें 12 अति संवेदनशील जिलों के 763 गांवों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश हैं। इसके अतिरिक्त अन्य 21 जिलों के 1,006 संवेदनशील गांवों को भी आपदा प्रबंधन योजना में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों की सहायता के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
जर्जर मकानों और जलाशयों की होगी निगरानी
संभावित भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन को जर्जर और असुरक्षित मकानों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जलाशयों और बांधों के जलस्तर पर भी नियमित नजर रखी जाएगी। यदि किसी जलाशय से पानी छोड़ने की जरूरत पड़ती है, तो संबंधित अधिकारियों को निर्धारित निर्देशों के अनुसार पहले से सूचना देने को कहा गया है। इसका उद्देश्य निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सतर्क करना और संभावित बाढ़ के खतरे को कम करना है।
24 घंटे सक्रिय रहेगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष
आपात स्थिति में नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने की व्यवस्था की गई है। आपदा संबंधी सूचना और सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1070 जारी किया गया है। नागरिक मौसम संबंधी चेतावनियों के लिए दामिनी और मेघदूत मोबाइल ऐप का भी उपयोग कर सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

रेलवे ने यात्रियों के लिए जारी की एडवायजरी
चक्रवात के संभावित असर के मद्देनजर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। यात्रियों से कहा गया है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति और संभावित बदलावों की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त करें। स्टेशन पर उद्घोषणा और डिस्प्ले बोर्ड पर दी जा रही सूचनाओं पर भी ध्यान दें।
प्लेटफॉर्म और सीढ़ियों पर रहें सावधान
बारिश के दौरान प्लेटफॉर्म, सीढ़ियों और स्टेशन परिसर में फिसलन बढ़ सकती है। इसलिए यात्रियों को जल्दबाजी से बचने, पर्याप्त समय लेकर स्टेशन पहुंचने और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से जांचना जरूरी है।
मौसम विभाग की चेतावनियों पर रखें नजर
चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए नागरिकों को मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ताजा सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए। विशेषकर संवेदनशील और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बारिश या तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें और आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें।

