Anti-Naxal Operation: नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रही सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। सुकमा जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में छिपे नक्सलियों के सीक्रेट ठिकाने का पर्दाफाश हुआ है। यहां से सुरक्षाबलों ने खतरनाक स्पाइक होल्स बरामद किए हैं, जो जवानों और आम नागरिकों के लिए जानलेवा हो सकते थे। सीआरपीएफ की 218वीं बटालियन और 208 कोबरा बटालियन की संयुक्त कार्रवाई ने एक बड़ी घटना को टाल दिया है।

42 लोहे और 71 लकड़ी की स्पाइक बरामद
एलारमाडगु क्षेत्र में पेट्रोलिंग के दौरान 218वीं बटालियन के जवानों ने नक्सलियों द्वारा बिछाए गए स्पाइक ट्रैप (नुकीले कील जाल) को समय रहते खोज निकाला। तलाशी अभियान में 42 लोहे की स्पाइक्स और 71 लकड़ी की स्पाइक्स बरामद की गईं। ये स्पाइक्स आमतौर पर सुरक्षाबलों के वाहन या पैदल गश्ती पर हमले के लिए जमीन में छिपाकर बिछाई जाती हैं।

जवानों ने अपनी सूझबूझ और सतर्कता से न केवल नक्सलियों की साजिश को नाकाम किया, बल्कि एक संभावित बड़े हादसे को भी टाल दिया। यह सफलता उस समय मिली जब गश्त के दौरान जवानों ने एक के बाद एक 8 स्पाइक होल्स को चिन्हित कर उन्हें निष्क्रिय किया।
208 कोबरा बटालियन को पलागुडम और कांचला में कामयाबी
इसी बीच 208 कोबरा बटालियन को भी पलागुडम और कांचला क्षेत्रों में नक्सली डंप की जानकारी मिली। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को कई संदिग्ध वस्तुएं और सामग्री मिली हैं, जिन्हें फिलहाल जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। इन वस्तुओं के माध्यम से नक्सल गतिविधियों, उनके ठिकानों और योजनाओं से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
सुकमा में सुरक्षा अभियान तेज
पिछले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों ने अपने ऑपरेशन को काफी आक्रामक और रणनीतिक रूप दिया है। पहाड़ी और जंगलों में छिपे नक्सलियों के नेटवर्क को लगातार कमजोर किया जा रहा है। इस ऑपरेशन के दौरान मिली जानकारी सुरक्षाबलों की इंटेलिजेंस और माउंटेन वारफेयर क्षमता को भी दर्शाती है।
सुकमा के एलारमाडगु, पलागुडम और कांचला जैसे दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षाबलों की यह सफलता नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है। लगातार मिल रही कामयाबी यह भी दर्शाती है कि नक्सली अब दबाव में हैं और सुरक्षाबलों की रणनीति कारगर हो रही है।
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