SCO Summit 2027: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि पाकिस्तान 2027 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के अगले समिट की मेजबानी करेगा। यह घोषणा उन्होंने रावलपिंडी में एक रोड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को संबोधित करते हुए की। हालांकि, शहबाज ने अभी समिट की सटीक तारीख का खुलासा नहीं किया है।

समिट की तैयारियों का दिया संकेत
शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान को अभी से समिट की तैयारियां शुरू करनी होंगी। उन्होंने इस्लामाबाद को साफ-सुथरा और खूबसूरत बनाने पर जोर दिया ताकि SCO समिट की मेजबानी प्रभावशाली रूप से हो सके। यह घोषणा चीन के तियानजिन में हाल ही में आयोजित SCO समिट के दो सप्ताह बाद आई है।

सिंधु जल संधि और क्षेत्रीय विवाद
तियानजिन SCO समिट में पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty – IWT) का मुद्दा उठाया था। इस बीच, भारत ने अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को सस्पेंड कर दिया था। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिसके बाद तनाव बढ़ गया।
SCO ने पहलगाम हमले की निंदा की
SCO के सदस्य देशों ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मानदंडों को अस्वीकार किया। संगठन ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के खुजदार और जाफर एक्सप्रेस पर हुए आतंकवादी हमलों की भी निंदा की। यह सामूहिक निंदा इस बात का संकेत है कि संगठन आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है।
पाकिस्तान की पिछली मेजबानी
पाकिस्तान ने 2024 में SCO के काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट समिट की मेजबानी की थी, जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय सहयोग और आपसी जुड़ाव पर जोर दिया था। उस समय सरकार ने तीन दिन की छुट्टी भी घोषित की थी ताकि समिट के कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित किया जा सके।
SCO की स्थापना और विस्तार
शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना जून 2001 में चीन के शंघाई शहर में हुई थी। शुरू में यह छह देशों का संगठन था, लेकिन अब इसमें एशिया, यूरोप और अफ्रीका के कुल 26 देश शामिल हैं। इसके तहत 10 सदस्य देश, 2 ऑब्जर्वर और 14 डायलॉग पार्टनर हैं।
प्रमुख सदस्य देश और महत्व
चीन, रूस, भारत जैसे प्रमुख विकासशील देश इस संगठन के सदस्य हैं, जो दुनिया की लगभग आधी जनसंख्या और वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस संगठन का मकसद सदस्य देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है।
पाकिस्तान का 2027 में SCO समिट की मेजबानी करने का फैसला क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह कदम पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारने और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। समिट की मेजबानी से पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को और सशक्त करने का अवसर मिलेगा।
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