Poster War : महाराष्ट्र की राजनीति में जारी भारी उथल-पुथल के बीच आज शिवसेना अपना 60वां स्थापना दिवस मना रही है। इस विशेष अवसर पर राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। मुंबई की सड़कों पर दोनों गुटों के बीच जबरदस्त ‘पोस्टर वॉर’ देखने को मिल रहा है। उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट के समर्थकों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में अपनी ताकत दिखाने के लिए बड़े पैमाने पर बैनरबाजी की है। शिवसेना में हुई बगावत के बाद यह पहला बड़ा मौका है, जब दोनों गुट आमने-सामने हैं। शिंदे गुट की ओर से एकनाथ शिंदे के बड़े-बड़े कट-आउट और बैनर लगाए गए हैं, वहीं उद्धव गुट के पोस्टरों में बागी नेताओं को ‘गद्दार’ संबोधित करते हुए उन पर निशाना साधा गया है।

मुंबई पुलिस का अलर्ट और दोनों गुटों के तीखे तेवर
दोनों गुटों के बीच बढ़ते तनाव और संभावित टकराव को देखते हुए मुंबई पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शिवसेना (UBT) ने अपने पोस्टरों के माध्यम से शिंदे गुट को चुनौती दी है। उद्धव गुट के बैनरों पर लिखा है, “गद्दार बदले, चेहरे बदले, लेकिन विचारधारा नहीं बदली।” साथ ही यह भी दावा किया गया है कि महाराष्ट्र की जनता के दिलों में बसने वाली असली शिवसेना आज भी वही है और वह विश्वासघात के किसी भी तूफान में अडिग खड़ी है। दोनों गुटों ने अपने-अपने स्थापना दिवस के कार्यक्रमों के लिए टीजर भी जारी किए हैं, जिससे समर्थकों के बीच प्रतिस्पर्धा और भी स्पष्ट हो गई है।

‘असली शिवसेना’ पर दावेदारी की जंग
सांसद श्रीकांत शिंदे ने अपने पिता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ही ‘असली शिवसेना’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में कोई मालिक या नौकर नहीं है, बल्कि सभी सामान्य कार्यकर्ता हैं। टीजर के जरिए शिंदे गुट ने उद्धव ठाकरे गुट को बालासाहेब ठाकरे के प्रखर हिंदुत्ववादी विचारों की याद दिलाने की कोशिश की है। वहीं, स्थापना दिवस पर भी दोनों गुट अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। शाम 6 बजे गोरेगांव के नेस्को सेंटर में शिंदे सेना का कार्यक्रम है, जहाँ मुख्यमंत्री समर्थकों को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम साढ़े 7 बजे उद्धव ठाकरे सायन-माटुंगा के शणमुखानंद हॉल में अपने शिवसैनिकों से मुखातिब होंगे।
बगावत का नया अध्याय और सुरक्षा व्यवस्था
उद्धव ठाकरे के कार्यक्रम में कितने विधायक और सांसद शामिल होंगे, यह एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है। हालिया घटनाओं को देखते हुए शिंदे गुट का दावा है कि उद्धव के 20 विधायकों में से 16 विधायक उनके संपर्क में हैं। दूसरी ओर, उद्धव गुट की तरफ से मिल रही धमकियों के चलते केंद्र ने सभी 6 बागी सांसदों को ‘Y+’ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई है। खबरों के अनुसार, इन सांसदों को दिल्ली से सुरक्षित स्थान जयपुर स्थानांतरित कर दिया गया है। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत के लगातार बयानों और बागी सांसदों पर की जा रही टिप्पणियों के बाद यह कदम उठाया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस स्थापना दिवस को पार्टी के भविष्य के लिए एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
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