Shivraj Singh Chouhan : केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर चुनावी हार से निराश होकर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस की चुनावी विफलताओं के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार नहीं है, बल्कि पार्टी का नेतृत्व और उसकी राजनीतिक दिशा इसकी वजह है। उनके मुताबिक, कांग्रेस को अपनी हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए, न कि संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहिए।
चुनावी हार के बाद आंदोलन करने पर कांग्रेस को घेरा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लगातार चुनाव हारने के बाद कांग्रेस विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करती है। उन्होंने असम, त्रिपुरा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठाए। भाजपा नेता ने तंज कसते हुए कहा, ‘नाच न जाने, आंगन टेढ़ा।’ उनका आरोप था कि कांग्रेस को अपनी संगठनात्मक कमजोरियों और चुनावी रणनीति पर विचार करना चाहिए।
राहुल गांधी के शिव बारात वाले बयान पर पलटवार
राहुल गांधी के आंदोलन को शिवजी की बारात बताने वाले बयान पर भी शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे शिवजी की बारात के बजाय कथित तौर पर अराजकता फैलाने वाले लोगों का जमावड़ा बताया। चौहान ने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए विभिन्न ताकतों का सहारा लेने का आरोप लगाया। उन्होंने पार्टी के नेतृत्व और उसकी कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपनी आंतरिक समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर खींचतान का जिक्र
भाजपा नेता ने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के सामने नेतृत्व और आंतरिक अस्थिरता बड़ी चुनौती है। चौहान के अनुसार, पार्टी को संगठन मजबूत करने और स्पष्ट राजनीतिक दिशा तय करने की जरूरत है।
कई राज्यों में कांग्रेस की स्थिति पर सवाल
शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात, नागालैंड, गोवा और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में कांग्रेस अपने सहयोगी दलों के मुकाबले कमजोर दिखाई देती है और विपक्षी गठबंधन में उसे जूनियर पार्टनर की भूमिका निभानी पड़ती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को अपनी विचारधारा, नेतृत्व और संगठन को लेकर आत्ममंथन करना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी टिप्पणी
चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी जनादेश को स्वीकार नहीं करने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। भाजपा नेता ने विपक्ष से सेना की कार्रवाई और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अपने रुख को स्पष्ट करने की मांग भी की।
राहुल गांधी से विदेशी ताकतों पर स्पष्टीकरण मांगा
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर विदेशी ताकतों के प्रभाव से जुड़े आरोप लगाते हुए जॉर्ज सोरोस और एलन मस्क का उल्लेख किया। उन्होंने राहुल गांधी के कथित ‘इंडियन स्टेट’ संबंधी बयान पर भी स्पष्टीकरण मांगा। ये सभी आरोप भाजपा नेता की राजनीतिक टिप्पणियां हैं; इनके संबंध में कांग्रेस का पक्ष अलग हो सकता है।
राहुल गांधी ने आंदोलन को बताया था शिव की बारात
राहुल गांधी ने इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आंदोलन को तांडव और शिव की बारात से जोड़ते हुए कहा था कि इसमें शामिल होने के लिए किसी विशेष योजना की जरूरत नहीं है। उन्होंने आंदोलन में आने वाले सभी लोगों का स्वागत करने की बात कही थी। इसी बयान को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधा। इस तरह चुनावी राजनीति, संवैधानिक संस्थाओं और विपक्ष के आंदोलन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
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