Reel Death
Reel Death : उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में एक ऐसा रेस्क्यू ऑपरेशन देखने को मिला, जिसने हर किसी की सांसें थाम दीं। कांशीराम आवास स्थित एक जर्जर पानी की टंकी पर पिछले 15 घंटों से फंसे दो किशोरों के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) काल के गाल से खींच लाने वाले ‘देवदूत’ के रूप में सामने आई। जब स्थानीय प्रशासन और अन्य बचाव दल असफल साबित हो रहे थे, तब भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने मौके पर पहुंचकर एक बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरे मिशन को अंजाम दिया। रविवार सुबह जैसे ही वायुसेना का हेलीकॉप्टर आसमान में मंडराता दिखा, नीचे खड़े हजारों लोगों की आंखों में उम्मीद की चमक लौट आई।
पवन और कल्लू नाम के दो किशोर शनिवार दोपहर से ही टंकी के सबसे ऊपरी हिस्से पर फंसे हुए थे। जमीन से सैकड़ों फीट की ऊंचाई और नीचे उतरने का कोई रास्ता न होने के कारण उनके पास केवल भगवान का भरोसा था। पूरी रात तेज हवाओं और कड़ाके की ठंड के बीच ये दोनों किशोर टंकी की मुंडेर को पकड़कर बैठे रहे। स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने शनिवार रात को कई प्रयास किए, लेकिन टंकी की जर्जर हालत और ऊंचाई के कारण सफलता नहीं मिली। आखिरकार, जिला प्रशासन की विनती पर केंद्र सरकार ने वायुसेना को इस रेस्क्यू मिशन के लिए हरी झंडी दी।
रेस्क्यू का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वह किसी फिल्म के रोमांचक दृश्य जैसा है। वायुसेना के पायलटों ने बेहद सूझबूझ का परिचय देते हुए हेलीकॉप्टर को टंकी के बिल्कुल करीब स्थिर किया। हवा के तेज दबाव के बावजूद, वायुसेना के गरुड़ कमांडो ने रस्सी के सहारे नीचे उतरकर दोनों किशोरों को एक-एक कर सुरक्षित हार्नेस में बांधा और ऊपर हेलीकॉप्टर में खींच लिया। जैसे ही पवन और कल्लू हेलीकॉप्टर के अंदर सुरक्षित पहुंचे, नीचे मौजूद भीड़ ने ‘भारत माता की जय’ के नारों से आसमान गुंजा दिया।
इस पूरी घटना की शुरुआत शनिवार दोपहर करीब दो बजे हुई थी। पांच दोस्त रील बनाने और सेल्फी लेने के जुनून में इस पुरानी और जर्जर पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। अचानक टंकी की लोहे की सीढ़ी भार न सह पाने के कारण टूटकर नीचे गिर गई। सीढ़ी टूटते ही तीन बच्चे असंतुलित होकर सीधे जमीन पर आ गिरे। इस भीषण हादसे में एक बच्चे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल बच्चों का फिलहाल मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट करने वाले युवाओं के प्रति गंभीर चिंता पैदा कर दी है। सिद्धार्थनगर प्रशासन का कहना है कि यह टंकी पहले ही कंडम घोषित की जा चुकी थी, फिर भी किशोरों ने वहां जाकर जान जोखिम में डाली। वायुसेना द्वारा सफलतापूर्वक बचाए गए पवन और कल्लू को प्राथमिक चिकित्सा के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। मुख्यमंत्री ने वायुसेना की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, वहीं स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जर्जर इमारतों और खतरनाक स्थलों से दूर रहें ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
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