Sikkim Earthquake Today
Sikkim Earthquake Today: पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर भूकंपीय गतिविधियों में चिंताजनक बढ़ोतरी देखी गई है। भारत सहित दुनिया के कई देशों में लगातार आ रहे भूकंप के झटकों ने जान-माल को भारी नुकसान पहुँचाया है। हाल के दिनों में कई देशों ने विनाशकारी भूकंपों का सामना किया है, जिनमें हजारों मासूमों की जान चली गई। इसी कड़ी में अब उत्तर-पूर्वी भारत का हिमालयी राज्य सिक्किम और पड़ोसी देश म्यांमार भूकंप के केंद्र बने हुए हैं। लगातार आती इन आपदाओं ने वैज्ञानिकों और आम जनता के बीच डर पैदा कर दिया है कि क्या पृथ्वी के भीतर कोई बड़ा भूगर्भीय परिवर्तन हो रहा है।
सिक्किम में शुक्रवार की रात लोगों के लिए दहशत भरी रही। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, रात 1 बजे से लेकर सुबह तक राज्य में करीब 12 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। बार-बार आ रहे इन झटकों की वजह से लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और पूरी रात खुले आसमान के नीचे बिताने को मजबूर हुए। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी बड़े नुकसान या जानहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इमारतों में दरारें आने की खबरें सोशल मीडिया पर तैर रही हैं।
भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, सिक्किम में आए सबसे मुख्य झटके की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 मापी गई। यह भूकंप रात के ठीक 1 बजकर 9 मिनट पर आया, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। इस भूकंप का उपरिकेंद्र (Epicenter) सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में जमीन से मात्र 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। कम गहराई पर केंद्र होने के कारण झटकों का अहसास काफी तेज था, जिसने ग्यालशिंग के साथ-साथ आसपास के रिहायशी इलाकों को भी हिलाकर रख दिया।
भूकंप का असर केवल ग्यालशिंग तक सीमित नहीं रहा। सिक्किम के अन्य प्रमुख शहरों जैसे गंगटोक, मंगन और नामची में भी आधी रात से सुबह तक धरती कांपती रही। इन क्षेत्रों में भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2 से लेकर 4 के बीच दर्ज की गई। बार-बार आने वाले इन ‘आफ्टरशॉक्स’ ने स्थानीय निवासियों को मानसिक रूप से परेशान कर दिया है। पहाड़ी ढलानों पर बसे होने के कारण सिक्किम में भूकंप के बाद भूस्खलन (Landslide) का खतरा भी बढ़ गया है, जिसे लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
भारत के साथ-साथ पड़ोसी देश म्यांमार में भी शुक्रवार की सुबह कुदरत का कहर देखने को मिला। म्यांमार में सुबह 6 बजकर 3 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता 4.9 दर्ज की गई। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 96 किलोमीटर नीचे था। म्यांमार के लिए यह झटके इसलिए भी डरावने हैं क्योंकि साल 2025 में यहाँ आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 5 हजार से अधिक लोग काल के गाल में समा गए थे।
लगातार आ रहे इन झटकों को देखते हुए सिक्किम सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुरानी और जर्जर इमारतों से दूर रहने तथा भूकंप के समय ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड’ जैसी सावधानियां बरतने को कहा गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्र होने के कारण सिक्किम सिस्मिक जोन-5 में आता है, जो बेहद संवेदनशील है। प्रशासन वर्तमान में उन क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर रहा है जहाँ बार-बार केंद्र बन रहे हैं, ताकि भविष्य की किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।
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