Voter List SIR: चुनाव आयोग अगले हफ्ते से पूरे देश में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) शुरू करेगा। इसकी शुरुआत 10-15 राज्यों से होगी, जिनमें पहले वे राज्य शामिल होंगे, जहां अगले एक साल में विधानसभा चुनाव होने हैं। असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए यहां SIR को प्राथमिकता दी जाएगी।
चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया कि स्थानीय निकायों के चुनाव वाले राज्यों में फिलहाल SIR नहीं होगा, क्योंकि कर्मचारी इन चुनावों में व्यस्त रहेंगे। चुनाव समाप्त होने के बाद इन राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
SIR की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए आयोग ने हाल ही में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) के साथ दो बैठकें की हैं। कई राज्यों ने पिछली SIR के बाद जारी वोटर लिस्ट को अपने वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है। उदाहरण के लिए, दिल्ली में अंतिम बार SIR 2008 में हुई थी, जबकि उत्तराखंड में यह 2006 में हुई थी। बिहार में हाल ही में वोटर वैरिफिकेशन पूरा हुआ और फाइनल डेटा 1 अक्टूबर को जारी किया गया।
चुनाव आयोग ने बताया कि राज्यों में अंतिम SIR कट-ऑफ डेट के रूप में काम करेगी। अधिकतर राज्यों में वोटर लिस्ट का अंतिम SIR 2002 और 2004 के बीच हुआ था। अब अधिकांश राज्यों ने अपने वर्तमान मतदाताओं का मिलान पूरा कर लिया है।
SIR का प्राथमिक उद्देश्य मतदाता सूचियों में दोहरे मतदाताओं को हटाना और यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता भारतीय नागरिक हो। इसके तहत विदेशी अवैध प्रवासियों के जन्म स्थान की भी जांच की जाएगी। यह कदम विशेष रूप से बांग्लादेश और म्यांमार से जुड़े अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई के मद्देनजर महत्वपूर्ण है।
चुनाव आयोग का दावा है कि इसका पूरा ध्यान केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी पर है, जहां मई 2026 तक विधानसभा चुनाव होने हैं। यह समीक्षा दो दशक बाद की जा रही है, क्योंकि शहरीकरण और माइग्रेशन के कारण मतदाता सूची में अपडेट की जरूरत महसूस हुई।
बैठक में तय हुआ कि BLO (ब्लॉक लीडर अधिकारी) हर मतदाता के घर जाकर प्री-फील्ड फॉर्म पहुंचाएंगे। इस प्रक्रिया में 31 दिसंबर तक सभी 18 वर्ष के मतदाताओं को शामिल किया जाएगा। वर्तमान में देशभर में 99.1 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से बिहार में 8 करोड़ मतदाताओं की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।2002 से 2004 के बीच SIR में 70 करोड़ मतदाता दर्ज हुए थे। इस बार लगभग 21 करोड़ मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।इस SIR के माध्यम से चुनाव आयोग मतदाता सूची को अपडेट करने, दोहरे मतदाता हटाने और अवैध प्रवासियों की पहचान करने में सफल होगा। चुनावी राज्यों में इसे प्राथमिकता देने से आने वाले विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
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