Stock Market Crash
Stock Market Crash: वैश्विक अस्थिरता और भारतीय बाजार का संकट दुनियाभर के शेयर बाजारों में एक बार फिर काले बादल छा गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति की धमकियों और फ्रांस के कड़े रुख ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘ट्रेड वॉर’ (व्यापार युद्ध) की सुगबुगाहट तेज कर दी है। इसका सीधा और घातक असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है। मंगलवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह टूट गए, जिससे निवेशकों को मिनटों में करोड़ों रुपये का चपत लगी। यह गिरावट केवल एक दिन की नहीं, बल्कि पिछले दो दिनों से जारी बिकवाली का परिणाम है।
भारतीय शेयर बाजार के आंकड़े डराने वाले हैं। मंगलवार को सेंसेक्स में 1,073 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 82,280 के स्तर के आसपास आ गया। पिछले दो दिनों की बात करें तो सेंसेक्स 1,300 अंकों से ज्यादा नीचे फिसल चुका है। इस गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (Mcap) 465.68 लाख करोड़ रुपये से घटकर 457.15 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी निवेशकों को केवल मंगलवार को 9 लाख करोड़ और दो दिनों में कुल मिलाकर 11.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ है।
शेयर बाजार के विशेषज्ञों ने इस भारी बिकवाली के पीछे 10 बड़े कारण बताए हैं, जिन्होंने निवेशकों के भरोसे को डगमगा दिया है:
ट्रंप की टैरिफ धमकी और ट्रेड वॉर: अमेरिकी टैरिफ नीतियों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने वैश्विक स्तर पर जोखिम बढ़ा दिया है।
FII की भारी बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार से अपने हाथ खींच लिए हैं। अकेले सोमवार को 3,262 करोड़ रुपये की निकासी की गई।
तीसरी तिमाही (Q3) के कमजोर नतीजे: विप्रो जैसी दिग्गज कंपनियों के निराशाजनक अनुमानों ने आईटी सेक्टर पर दबाव बनाया है।
एशियाई बाजारों का कमजोर रुख: जापान और चीन के बाजारों में गिरावट ने वैश्विक सेंटिमेंट को खराब किया।
India VIX में उछाल: बाजार की अस्थिरता मापने वाला सूचकांक VIX 4% बढ़कर 12.34 पर पहुँच गया, जो घबराहट का संकेत है।
रुपये की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 90.98 के निचले स्तर पर पहुँच गया है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला: निवेशक ट्रंप के पुराने टैरिफ फैसलों पर सुप्रीम कोर्ट के रुख का इंतजार कर रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतें: ब्रेंट क्रूड का 64 डॉलर के पार जाना भारत जैसे आयात निर्भर देश के लिए चिंताजनक है।
निफ्टी वीकली एक्सपायरी: मंगलवार को हुई एक्सपायरी की वजह से बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव (Volatility) देखा गया।
सरकारी बैंकों के शेयरों में बिकवाली: पीएसयू बैंक इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट ने बैंकिंग सेक्टर को नुकसान पहुँचाया।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिन भारतीय निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। निफ्टी में 25,233 का निचला स्तर टूटने के बाद तकनीकी रूप से बाजार कमजोर दिख रहा है। जब तक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता और विदेशी निवेशकों की वापसी नहीं होती, तब तक बाजार में रिकवरी की उम्मीद कम है। विशेष रूप से आईटी और बैंकिंग सेक्टर पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि ये क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
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