Surajpur bridge collapse : छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से, खासकर सरगुजा संभाग, में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। सूरजपुर जिले में लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण एक पुलिया बह गई है, जिससे प्रतापपुर ब्लॉक के मदनगर गांव और बलरामपुर को जोड़ने वाली सड़क पर आवागमन बंद हो गया है। इसके बावजूद, गांव के लोग बचे हुए पुल के हिस्से से जोखिम उठाकर साइकिल और बाइक से आवाजाही कर रहे हैं। यह स्थिति उन लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है, जो इस मार्ग का इस्तेमाल रोजमर्रा के कामों के लिए करते हैं।
मौसम विभाग का यलो अलर्ट: 10 जिलों में बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने आज यलो अलर्ट जारी करते हुए रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, सरगुजा और जशपुर जिलों में बिजली गिरने की संभावना जताई है। इसके अलावा, बलरामपुर में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। विभाग ने इसके साथ ही आगाह किया है कि लोग किसी भी प्रकार की अनावश्यक यात्रा से बचें और सावधानी बरतें।
प्रदेश में 48 घंटे बाद कम बारिश
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले 48 घंटों में भारी बारिश नहीं हुई है। केवल बलरामपुर जिले के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रही। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले पांच दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है। इसके मुताबिक, मध्य छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त तक बारिश कम होने की संभावना है, जबकि अन्य जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है।
जुलाई महीने में हुई सामान्य बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में पिछले चार दिनों में केवल 24.1 मिमी बारिश हुई है, जो औसत बारिश से काफी कम है। जुलाई महीने में अब तक प्रदेश में कुल 457 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि 25 से 29 जुलाई के बीच 157 मिमी बारिश हुई। पिछले दस सालों में सिर्फ दो बार जुलाई में 400 मिमी से अधिक बारिश हुई है। 2023 में सबसे ज्यादा 566.8 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जबकि 2016 में 463.3 मिमी बारिश हुई थी।
इस प्रकार, इस वर्ष जुलाई में प्रदेश में हुई बारिश ने पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अधिक वर्षा का रिकॉर्ड तोड़ा है। हालांकि, 31 जुलाई तक बारिश में कमी आई है, और आने वाले दिनों में यह स्थिति कुछ सामान्य रहने की संभावना है।