Surajpur Chakka Jam: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र स्थित मदननगर धरमपुर गांव में शुक्रवार को पुलिस और ग्रामीणों के बीच बड़ा विवाद हो गया। पुराने आपराधिक मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। ग्रामीणों की ओर से किए गए पथराव में एक डीएसपी सहित 20 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए मौके पर करीब 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। इसके अलावा आसपास के पांच जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। हालांकि देर रात तक स्थिति सामान्य हो गई और ग्रामीणों ने अपना चक्काजाम समाप्त कर दिया।

पुलिस गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी धरमपुर गांव
पुलिस के अनुसार शुक्रवार सुबह भारी सुरक्षा बल के साथ टीम धरमपुर गांव पहुंची थी। पुलिस का उद्देश्य पुराने मामलों में फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार करना था। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पुलिस के साथ कोई राजस्व विभाग की टीम या भूमि सर्वेक्षण से जुड़ा दल मौजूद नहीं था।बताया जा रहा है कि गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया।
SECL माइंस के विरोध से पहले से बना हुआ था माहौल तनावपूर्ण
धरमपुर गांव में इससे पहले भी तनाव की स्थिति बनी हुई थी। ग्रामीण लंबे समय से एसईसीएल की नई माइंस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। स्थानीय लोगों में भूमि अधिग्रहण को लेकर नाराजगी बनी हुई है।हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार की कार्रवाई का जमीन अधिग्रहण या माइंस परियोजना से कोई संबंध नहीं था। पुलिस केवल पुराने मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची थी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया अचानक हुआ हमला
सूरजपुर पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने बताया कि पुलिस टीम पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव गई थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को किसी बात को लेकर गलतफहमी हो गई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।एसपी के मुताबिक ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जवानों पर हमला किया। अचानक हुए हमले में डीएसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
बातचीत के बाद ग्रामीणों ने खत्म किया चक्काजाम
घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए प्रशासन और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। ग्रामीण गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को छोड़ने की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने आरोपी को रिहा करने से इनकार कर दिया।
कलेक्टर रेना जमील ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से दो बार प्रतिनिधिमंडल भेजा गया था। ग्रामीण शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए मामले का समाधान चाहते थे। प्रशासन ने भी उनकी मांगों और समस्याओं पर चर्चा की। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म करने का फैसला लिया।रात करीब 9 से 10 बजे के बीच ग्रामीण अपने घर लौट गए और पुलिस बल भी धीरे-धीरे मौके से हट गया। प्रशासन ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए निगरानी जारी रखी है।
कांग्रेस ने बनाई आठ सदस्यीय जांच समिति
मदननगर में हुई झड़प और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मामले की जांच के लिए आठ सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।कांग्रेस का कहना है कि समिति घटना की पूरी जानकारी जुटाएगी और ग्रामीणों तथा पुलिस पक्ष से बातचीत कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी। वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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