Surajpur Development
Surajpur Development: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के वनांचल क्षेत्रों के लिए बुधवार का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘सुशासन’ के संकल्प को दोहराते हुए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निरंतर प्रयासों और विशेष रुचि के कारण सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों और उनके आश्रित टोलों के विद्युतीकरण को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। आजादी के सात दशकों बाद भी जो इलाके अंधेरे में डूबे थे, अब वहां बिजली का उजाला पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने इसके लिए तकनीकी स्वीकृति देते हुए कार्य आदेश भी जारी कर दिए हैं।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की इस पहल से सूरजपुर के उन सुदूरवर्ती इलाकों में खुशहाली की लहर है, जहां बिजली केवल एक सपना थी। स्वीकृत कार्य आदेश के अनुसार, ग्राम कोल्हुआ के पुराना स्कूलपारा, खासपारा, जमतीपारा और बोकराटोला-2 में विद्युतीकरण का काम शुरू होगा। इसी तरह, महुली ग्राम के हरिजनपारा, खासपारा-1 व 2, पांडोपारा, पोखरापारा, स्कूलपारा, पहेतापारा और पहाड़पारा जैसे क्षेत्रों को ग्रिड से जोड़ा जाएगा। करोटी गांव के खासपारा, इमलीडीह, पोड़ीडोल, पोरतेपारा, परसापारा और गुलरडांडपारा के निवासियों को अब ढिबरी और लालटेन की रोशनी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह परियोजना इन क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को पूरी तरह से बदल कर रख देगी।
विद्युतीकरण की यह योजना केवल कुछ मुख्य पारा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका विस्तार गहराई तक किया गया है। चोंगा ग्राम के मधवानीपारा, आमपारा, खासपारा और श्यामपारा के घरों में भी अब बिजली के बल्ब जलेंगे। इसके अलावा, कछवारी (पांडोपारा, स्कूलपारा), खैरा (रेडियापारा-1 व 2), नवडीहा (मेन रोड) और कछिया (नवडीहा चौक) जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है। इन सभी स्थानों पर नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जाएगा। यह कदम न केवल बुनियादी सुविधा है, बल्कि वनांचल के लोगों के लिए सम्मानजनक जीवन जीने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
बिजली पहुंचने का सीधा असर स्थानीय जनजीवन के विभिन्न पहलुओं पर पड़ेगा। सबसे बड़ा लाभ स्कूली बच्चों को होगा, जो अब रात के समय आसानी से पढ़ाई कर सकेंगे और डिजिटल शिक्षा से जुड़ पाएंगे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में, उप-स्वास्थ्य केंद्रों में उपकरणों का संचालन आसान होगा और दवाओं का कोल्ड स्टोरेज सुनिश्चित हो सकेगा। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसायों, कुटीर उद्योगों और कृषि आधारित उपकरणों के उपयोग से स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले इन 28 से अधिक कार्यों की जिम्मेदारी सूरजपुर के कार्यपालन अभियंता को सौंपी गई है, ताकि गुणवत्ता और समय सीमा का पूरा ध्यान रखा जा सके।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का ही परिणाम है कि प्रदेश के सबसे सुदूर इलाकों में रहने वाले ‘अंतिम व्यक्ति’ तक विकास की किरण पहुंच रही है। श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि चांदनी बिहारपुर क्षेत्र की जनता की यह मांग दशकों पुरानी थी, जिसे वर्तमान सरकार ने प्राथमिकता से पूरा किया है। उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया कि भटगांव विधानसभा सहित पूरे सूरजपुर जिले में विकास की यह गति निरंतर जारी रहेगी और कोई भी क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा। इस ऐतिहासिक पहल ने सरकार और जनता के बीच के विश्वास को और अधिक मजबूत किया है।
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