◆ तमोर पिंगला और गुरु घासीदास उद्यान क्षेत्र में अब सौर ऊर्जा से जगमगाएँगे घर
◆ भटगांव विधानसभा में 60 लाख की सौर योजना, 372 नई बैटरियों से सैकड़ों परिवार लाभान्वित
Surajpur solar energy : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के सुदूरवर्ती वनांचल गाँवों में अब अंधेरे की जगह सौर ऊर्जा की रोशनी जगमगा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से यहाँ के ग्रामीणों को वर्षों से चली आ रही बिजली संकट से बड़ी राहत मिली है।

महुली ग्राम के स्कूलपारा, चौरा पारा और खास पारा में स्थापित 10-10 किलोवॉट क्षमता वाले सौर संयंत्रों की बैटरियाँ बदली गईं। इसके चलते अब 150 से अधिक परिवारों के घरों में पूरी रात बिजली उपलब्ध हो रही है। बच्चों को पढ़ाई के लिए उजाला मिल रहा है, महिलाएँ सुरक्षित महसूस कर रही हैं और गाँव की गतिविधियाँ रात तक सुचारू रूप से चल पा रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने “सभी के लिए ऊर्जा” नीति के तहत ग्रामीण अंचलों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से बाँकी और खोड़ जैसे गाँवों में भी सुधारात्मक कार्य प्रारंभ हो गया है। यहाँ 7 सौर संयंत्रों के लिए 372 नई बैटरियों की स्थापना की जा रही है, जिससे सैकड़ों परिवार लाभान्वित होंगे।
भटगांव विधानसभा क्षेत्र में लगभग 60 लाख रुपये की लागत से इन्वर्टर और बैटरियाँ स्वीकृत की गई हैं। यह पहल खासकर तमोर पिंगला अभ्यारण्य और गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र जैसे दूरस्थ वनांचलों के लिए जीवन बदलने वाली साबित होगी। यहाँ के ग्रामीणों को पहली बार भरोसेमंद और स्थायी बिजली सुविधा मिलने जा रही है।
यह योजना सिर्फ तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल है, जो ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिख रही है।












