Surguja Achievement
Surguja Achievement: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लिए एक गौरवपूर्ण समाचार सामने आया है। अदाणी विद्या मंदिर (AVM), सरगुजा की होनहार छात्रा श्रेया सिंह ओटी ने अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE) 2026 में शानदार सफलता प्राप्त की है। ग्रामीण परिवेश से आने वाली इस मेधावी छात्रा की उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो बिना किसी महंगे ट्यूशन के भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में परचम लहराया जा सकता है।
अदाणी विद्या मंदिर, सरगुजा में कक्षा आठवीं की छात्रा श्रेया सिंह ओटी ने सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। श्रेया ने इस कठिन परीक्षा में 200 में से 142 अंक अर्जित किए हैं, जिसके आधार पर उन्हें 32,629वीं ऑल इंडिया रैंक प्राप्त हुई है। पिछले तीन वर्षों से इसी विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहीं श्रेया की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने इस मुकाम तक पहुँचने के लिए किसी भी बाहरी कोचिंग या ट्यूशन का सहारा नहीं लिया। उनकी सफलता का मुख्य आधार नियमित स्वाध्याय, तार्किक सोच, आत्म-अनुशासन और विद्यालय के शिक्षकों का निरंतर सहयोग रहा है।
अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित यह विद्यालय सरगुजा के ग्रामीण अंचल के बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। यहाँ सीबीएसई (CBSE) पाठ्यक्रम के अनुरूप पूर्णतः नि:शुल्क और उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान की जाती है। विद्यालय का बुनियादी ढांचा किसी भी बड़े शहरी स्कूल को टक्कर देता है। यहाँ विद्यार्थियों के लिए सुव्यवस्थित पुस्तकालय, हाई-टेक कंप्यूटर लैब, डिजिटल लर्निंग और विज्ञान विषयों के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा, छात्रों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए पौष्टिक नाश्ता और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाती है, ताकि बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त होकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
शैक्षणिक गुणवत्ता और सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं के कारण अदाणी विद्या मंदिर, सरगुजा ने कई राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यह विद्यालय क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) द्वारा NABET मान्यता प्राप्त करने वाला ग्रामीण छत्तीसगढ़ का पहला स्कूल है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2026 में जिले के 2,365 विद्यालयों के कड़े मूल्यांकन के बाद इसे ‘क्लीन एंड ग्रीन स्कूल ऑफ द डिस्ट्रिक्ट’ के सम्मान से नवाजा गया है। यह पुरस्कार स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षण के बेहतरीन माहौल के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
श्रेया की इस उपलब्धि पर विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों में खुशी की लहर है। प्रबंधन का कहना है कि श्रेया की सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह विद्यालय के अनुशासित वातावरण और शिक्षकों की मेहनत का प्रतिबिंब है। श्रेया जैसे विद्यार्थी संस्थान के शैक्षणिक मूल्यों को और अधिक मजबूती प्रदान करते हैं। शिक्षकों के अनुसार, श्रेया की तार्किक क्षमता और निरंतर प्रयास करने की आदत उन्हें भविष्य में एक कुशल नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करेगी।
अदाणी फाउंडेशन केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, कौशल विकास और स्थायी आजीविका के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। फाउंडेशन के माध्यम से संचालित महिला स्व-सहायता समूहों, स्वास्थ्य शिविरों और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों ने स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाया है। श्रेया की यह सफलता फाउंडेशन के ‘शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण’ के लक्ष्य की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
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