Svalbard Cat : स्वालबार्ड की अनोखी बिल्ली, आर्कटिक फॉक्स जैसे जीवन में 10 साल तक रही जीवित

Svalbard Cat : नॉर्वे के सुदूर और बर्फीले स्वालबार्ड द्वीप समूह में एक ऐसा कानून है, जिसने बिल्लियों को वहां रहने की अनुमति नहीं दी है। रेबीज के खतरे और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने के लिए नॉर्वेजियन सरकार ने 1992 से बिल्लियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। बावजूद इसके, बारेन्टसबर्ग नामक रूसी बस्ती में ‘केशा’ नाम की एक नारंगी बिल्ली ने एक दशक से अधिक समय तक कानून को चुनौती देते हुए अपना डेरा जमाए रखा। दिलचस्प बात यह है कि उसे वहां के रूसी नागरिकों ने न केवल पनाह दी, बल्कि आधिकारिक दस्तावेजों में उसे बिल्ली के बजाय ‘आर्कटिक फॉक्स’ के रूप में पंजीकृत करवा दिया।

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‘जिंजर आर्कटिक फॉक्स’ के नाम से मशहूर हुई केशा

केशा दिखने में तो एक आम अदरक जैसे रंग (जिंजर) वाली बिल्ली थी, लेकिन सरकारी कागजों में ‘आर्कटिक फॉक्स’ होने के कारण उसे वहां रहने की अनुमति मिल गई। नॉर्वेजियन अधिकारियों ने भी कभी उसकी पहचान पर सवाल नहीं उठाया, क्योंकि वह उस द्वीप की सबसे चहेती और अनौपचारिक निवासी बन गई थी। बारेन्टसबर्ग की बर्फीली और सुनसान सड़कों पर केशा पूरी आजादी के साथ घूमती थी। वह अक्सर स्थानीय कैंटीन के पास समय बिताती और पर्यटकों के लिए पोज देती नजर आती थी। लोग प्यार से उसे ‘जिंजर आर्कटिक फॉक्स’ कहकर बुलाने लगे थे, और उसकी यह अजीबोगरीब कहानी धीरे-धीरे पूरी दुनिया में वायरल हो गई।

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कोरोना काल में बढ़ी केशा की लोकप्रियता

कोरोना महामारी के दौरान जब दुनिया घरों में कैद थी, तब केशा की यह कहानी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी। स्वालबार्ड की बर्फीली वादियों में एक बिल्ली की निडर और स्वतंत्र जीवनशैली से प्रेरित होकर दुनिया भर के लोगों ने उसके लिए कविताएं लिखीं। स्थानीय प्रशासन ने बाद में यह स्वीकार किया कि केशा अकेली नहीं थी, उसके अलावा भी तीन अन्य बिल्लियां वहां चोरी-छिपे रह रही थीं, लेकिन केशा का व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली था कि उसका ‘लोमड़ी होने का मिथक’ हर किसी के दिल में बस गया था। उसका अपना अलग अंदाज और लोगों से मेल-जोल उसे अन्य बिल्लियों से कहीं ज्यादा खास बनाता था।

एक अनूठी दास्तान का दुखद अंत

आर्कटिक की कठोर जलवायु, भीषण ठंड और जंगली जानवरों के बीच रहते हुए केशा ने एक लंबी और स्वतंत्र जिंदगी जी। 20 जनवरी 2021 को लगभग 14 वर्ष की उम्र में इस अनूठी बिल्ली ने दुनिया को अलविदा कह दिया। केशा की मौत पर बारेन्टसबर्ग के टूरिज्म मैनेजर इवान वेलिचेंको ने बेहद भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा कि केशा केवल एक बिल्ली नहीं थी, बल्कि वह बारेन्टसबर्ग बस्ती का एक अभिन्न और अहम हिस्सा थी। कानून की तमाम बंदिशों के बीच एक बिल्ली का आर्कटिक फॉक्स बनकर इतने वर्षों तक इंसानों के बीच रहना किसी चमत्कार से कम नहीं था, जो हमेशा स्वालबार्ड के इतिहास के पन्नों में दर्ज रहेगा।

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