दिल्ली पुलिस ने यौन शोषण के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को पुलिस ने उसकी तीन करीबी महिला सहयोगियों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि इन महिलाओं ने न केवल छात्राओं पर दबाव बनाया बल्कि पुलिस जांच में बाधा पहुंचाने के लिए साक्ष्यों से भी छेड़छाड़ की।

गिरफ्तार महिलाओं में श्री शारदा इंस्टीट्यूट की एसोसिएट डीन श्वेता शर्मा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावना कपिल और सीनियर फैकल्टी काजल शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि वे चैतन्यानंद के निर्देश पर छात्राओं पर दबाव डालती थीं और उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर करती थीं।

गेस्ट हाउस में रुका था चैतन्यानंद
पुलिस जांच से यह भी खुलासा हुआ कि चैतन्यानंद उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित एक गेस्ट हाउस में महिला छात्रों के साथ ठहरा था। वहां के स्थानीय लोगों ने भी इसकी पुष्टि की है, जिससे उसके खिलाफ आरोप और मजबूत हो गए हैं।
डिजिटल सबूत और आपत्तिजनक सामग्री
जांच के दौरान पुलिस को चैतन्यानंद के फोन से कई डिजिटल सबूत मिले हैं। इनमें उसके द्वारा बनाए गए एक वॉट्सएप ग्रुप में छात्राओं की तस्वीरों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि बढ़ते सबूतों के बावजूद चैतन्यानंद ने कोई पछतावा नहीं दिखाया।
इससे पहले 1 अक्टूबर को पुलिस ने चैतन्यानंद के कॉलेज स्थित कमरे में छापेमारी की थी। इस दौरान एक सेक्स टॉय, पांच पोर्न सीडी और अश्लील सामग्री बरामद हुई थी। साथ ही पुलिस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और ब्रिटेन के एक नेता के साथ चैतन्यानंद की कथित जाली तस्वीरें भी मिली थीं।

चैट से नए खुलासे
30 सितंबर को पुलिस ने चैतन्यानंद के मोबाइल से कई महिलाओं की चैट बरामद की थी। इन चैट्स से पता चला कि वह महिलाओं को आकर्षित करने के लिए बड़े-बड़े वादे करता था और उन्हें गुमराह करने की कोशिश करता था।
बेपरवाह रवैया
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इतने गंभीर सबूत बरामद होने और गिरफ्तारी की कार्रवाइयों के बावजूद चैतन्यानंद का रवैया बेहद ठंडा और बेपरवाह बना हुआ है। वह अब तक किसी भी स्तर पर पछतावा नहीं दिखा पाया है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा और धार्मिक व शैक्षणिक पदों पर बैठे बड़े नामों की जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।











