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Brijbhushan Singh Comment: पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह बोले- “पढ़ाई-लिखाई बेकार, सबकुछ आउटसोर्सिंग में”
Brijbhushan Singh Comment: उत्तर प्रदेश के गोंडा से छह बार लोकसभा सांसद रह चुके और चर्चित नेता बृजभूषण शरण सिंह अपने बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कन्नौज जनपद के छिबरामऊ में विजयदशमी के मौके पर आयोजित पारंपरिक शस्त्र पूजन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ऐसा बयान दिया जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया।
कार्यक्रम में मंच से बोलते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “पढ़ाई-लिखाई की आज कोई जरूरत नहीं है। नौकरियां अब आउटसोर्सिंग पर हैं, इसलिए पढ़ाई करके कुछ हासिल होने वाला नहीं।” उनका यह बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
निजी हेलिकॉप्टर का दावा
सिर्फ इतना ही नहीं, पूर्व सांसद ने अपनी लग्जरी लाइफ का भी खुलासा कर चर्चा और बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि वे किराए के हेलिकॉप्टर से नहीं बल्कि अपने स्वामित्व वाले निजी हेलिकॉप्टर से कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं। उन्होंने उपस्थित युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि जीवन में सफल होने के लिए सफल लोगों के साथ रहना जरूरी है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
जैसे ही उनका यह बयान सामने आया, सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कई यूजर्स ने इसे बेरोजगारी पर तंज मानते हुए व्यंग्य किया, तो कुछ ने इसे गैर-जिम्मेदाराना करार दिया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गोंडा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बाहुबली नेता के रूप में पहचान बना चुके बृजभूषण शरण सिंह छह बार संसद पहुंच चुके हैं, जिनमें पांच बार भाजपा और एक बार समाजवादी पार्टी से उन्होंने चुनाव जीता था। उनका राजनीतिक सफर 1980 के दशक में छात्र राजनीति से शुरू हुआ। अयोध्या के सकेत पीजी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान वे कांग्रेस यूथ विंग से जुड़े, लेकिन राम मंदिर आंदोलन के बाद भाजपा का दामन थामा और 1991 में गोंडा से भाजपा सांसद बने।
वे भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, हालांकि विभिन्न विवादों और आरोपों के चलते उन्हें आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट न देकर उनके बेटे को प्रत्याशी बनाया, जो इस समय गोंडा से सांसद हैं।
बृजभूषण सिंह का “पढ़ाई-लिखाई बेकार” वाला बयान न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रहा है बल्कि युवाओं और शिक्षकों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। यह बयान आने वाले समय में राजनीतिक विमर्श को और तेज कर सकता है।
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