मुंबई के दादर वेस्ट में आयोजित दशहरा मेला में शिवसेना (UBT) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि देश में अब अधिकारों और न्याय के लिए लड़ना ‘देशद्रोह’ माना जाने लगा है।
ठाकरे ने मंच से कहा, “सोनम वांगचुक देशद्रोही नहीं हैं। लेकिन पाकिस्तान में एक कार्यक्रम में शामिल होने का हवाला देकर उनके खिलाफ देशद्रोह का आरोप लगाया गया और उन्हें बंद कर दिया गया। अगर वांगचुक को इसके लिए गिरफ्तार किया जा सकता है, तो नरेंद्र मोदी जी से यह भी पूछना चाहिए कि वे नवाज शरीफ से मिलने पाकिस्तान क्यों गए थे?”
वांगचुक के योगदान पर जोर
ठाकरे ने सोनम वांगचुक के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा देशहित में काम किए हैं। लद्दाख में तैनात जवानों के लिए सोलर हीटेड टेंट बनाए, जिससे कड़ाके की ठंड में सैनिकों को राहत मिली। पानी की समस्या दूर करने के लिए आइस स्तूप तकनीक विकसित की। इतना ही नहीं, अब वे लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और क्षेत्र के अधिकारों की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात मानने को तैयार नहीं है।
गिरफ्तारी और हिंसक प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद 26 सितंबर को सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की गई और उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। यह कदम उस समय उठाया गया जब 24 सितंबर को प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी और इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी।
केंद्र पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
ठाकरे ने कहा कि यह मामला सिर्फ वांगचुक या लद्दाख तक सीमित नहीं है, बल्कि हर उस आवाज को दबाने की कोशिश है जो सरकार की नीतियों के खिलाफ उठती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतंत्र की बजाय डर और दमन की राजनीति पर भरोसा कर रही है।
उद्धव का यह बयान न सिर्फ विपक्षी राजनीति को मजबूती देता है, बल्कि लद्दाख आंदोलन को लेकर राष्ट्रीय बहस को भी और तेज कर सकता है। सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर जारी विवाद अब आने वाले दिनों में और राजनीतिक रंग लेने वाला है।
Uddhav Thackeray Statement: उद्धव ठाकरे का केंद्र पर हमला: “सोनम वांगचुक देशद्रोही नहीं, सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है”
मुंबई के दादर वेस्ट में आयोजित दशहरा मेला में शिवसेना (UBT) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि देश में अब अधिकारों और न्याय के लिए लड़ना ‘देशद्रोह’ माना जाने लगा है।
ठाकरे ने मंच से कहा, “सोनम वांगचुक देशद्रोही नहीं हैं। लेकिन पाकिस्तान में एक कार्यक्रम में शामिल होने का हवाला देकर उनके खिलाफ देशद्रोह का आरोप लगाया गया और उन्हें बंद कर दिया गया। अगर वांगचुक को इसके लिए गिरफ्तार किया जा सकता है, तो नरेंद्र मोदी जी से यह भी पूछना चाहिए कि वे नवाज शरीफ से मिलने पाकिस्तान क्यों गए थे?”
वांगचुक के योगदान पर जोर
ठाकरे ने सोनम वांगचुक के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा देशहित में काम किए हैं। लद्दाख में तैनात जवानों के लिए सोलर हीटेड टेंट बनाए, जिससे कड़ाके की ठंड में सैनिकों को राहत मिली। पानी की समस्या दूर करने के लिए आइस स्तूप तकनीक विकसित की। इतना ही नहीं, अब वे लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और क्षेत्र के अधिकारों की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात मानने को तैयार नहीं है।
गिरफ्तारी और हिंसक प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद 26 सितंबर को सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की गई और उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। यह कदम उस समय उठाया गया जब 24 सितंबर को प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी और इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी।
केंद्र पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
ठाकरे ने कहा कि यह मामला सिर्फ वांगचुक या लद्दाख तक सीमित नहीं है, बल्कि हर उस आवाज को दबाने की कोशिश है जो सरकार की नीतियों के खिलाफ उठती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतंत्र की बजाय डर और दमन की राजनीति पर भरोसा कर रही है।
उद्धव का यह बयान न सिर्फ विपक्षी राजनीति को मजबूती देता है, बल्कि लद्दाख आंदोलन को लेकर राष्ट्रीय बहस को भी और तेज कर सकता है। सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर जारी विवाद अब आने वाले दिनों में और राजनीतिक रंग लेने वाला है।
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