T20 World Cup 2026
T20 World Cup 2026 : भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर है। टूर्नामेंट अब ग्रुप स्टेज के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है और सभी की नजरें सुपर-8 के मुकाबलों पर टिकी हैं। मेजबान श्रीलंका ने अपने ग्रुप में शुरुआती तीन मैचों में लगातार शानदार जीत दर्ज कर अगले दौर के लिए अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। हालांकि, इस बड़ी सफलता के बीच श्रीलंकाई खेमे से एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। टीम के सबसे प्रमुख तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना पिंडली (Calf) में खिंचाव के चलते पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। पथिराना का बाहर होना श्रीलंका के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है।
पथिराना की चोट का वाकया 16 फरवरी को पल्लेकेले स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए हाई-वोल्टेज मैच के दौरान हुआ। श्रीलंका ने यह मुकाबला 8 विकेट से जीतकर इतिहास रचा था, लेकिन इसी मैच में पथिराना चोटिल हो गए। अपने स्पेल की चौथी गेंद फेंकने के बाद वह अचानक अपना बायां पैर पकड़कर मैदान पर ही बैठ गए। दर्द से कराहते पथिराना को देखने के बाद टीम फिजियो तुरंत मैदान पर पहुंचे। प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मैदान से बाहर ले जाया गया और वह दोबारा गेंदबाजी करने नहीं लौटे। अब उनकी स्कैन रिपोर्ट ने पुष्टि कर दी है कि उनकी चोट गंभीर है और वह टूर्नामेंट के आगामी महत्वपूर्ण मैचों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले अंतिम ग्रुप मुकाबले से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम के बल्लेबाजी सलाहकार विक्रम राठौर ने पथिराना की स्थिति स्पष्ट की। जब उनसे पथिराना की इंजरी और उनके विकल्प (Replacement) को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “पथिराना की स्थिति गंभीर है और उनके बाहर होने की खबर जल्द ही आधिकारिक रूप से साझा की जाएगी। जहां तक उनके विकल्प के तौर पर किसी नए खिलाड़ी को शामिल करने की बात है, तो चयन समिति और प्रबंधन इस पर अभी चर्चा कर रहे हैं।” राठौर के इस बयान से साफ है कि श्रीलंका अब सुपर-8 की चुनौतियों के लिए नई गेंदबाजी योजना तैयार कर रहा है।
मथीशा पथिराना का बाहर होना श्रीलंका के लिए दोहरी मार जैसा है। पथिराना से पहले टीम के स्टार लेग स्पिनर वानिंदु हसरंगा भी चोट के कारण वर्ल्ड कप से बाहर हो चुके हैं। हसरंगा और पथिराना श्रीलंकाई गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ माने जाते थे। इन दो प्रमुख स्तंभों के बिना सुपर-8 जैसे कड़े स्तर पर गेंदबाजी करना कप्तान और टीम प्रबंधन के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी। श्रीलंका क्रिकेट को अब जल्द ही आईसीसी की टेक्निकल कमेटी से संपर्क कर रिप्लेसमेंट के तौर पर किसी खिलाड़ी को स्क्वाड में शामिल करना होगा, ताकि गेंदबाजी में गहराई बनी रहे।
श्रीलंका को ग्रुप स्टेज का अपना आखिरी औपचारिक मुकाबला 19 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलना है। इसके तुरंत बाद असली परीक्षा सुपर-8 दौर में शुरू होगी। श्रीलंका का सुपर-8 का पहला मुकाबला 22 फरवरी को मजबूत इंग्लैंड टीम के खिलाफ पल्लेकेले के मैदान पर प्रस्तावित है। घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाने के लिए श्रीलंका को अपने प्रमुख गेंदबाजों की कमी खल सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मथीशा पथिराना की जगह टीम में किस तेज गेंदबाज को मौका मिलता है और क्या वह पथिराना जैसी धारदार यॉर्कर और गति के साथ प्रतिद्वंद्वी बल्लेबाजों को परेशान कर पाएगा।
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