Sudan Drone Attacks : अफ्रीकी देश सूडान में जारी गृहयुद्ध के बीच ड्रोन हमलों ने एक बार फिर भारी तबाही मचाई है। पिछले कुछ दिनों में हुए सिलसिलेवार हमलों में 160 से ज्यादा लोगों की मौत होने की खबर है। चिकित्सा कर्मियों और मानवाधिकार संगठनों ने इन घटनाओं की जानकारी दी है। कतर के समाचार माध्यम अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2023 से जारी संघर्ष में अब तक कम से कम 59 हजार लोग मारे जा चुके हैं।
खार्तूम में हमले के दौरान तीन बच्चों की मौत
नागरिकों के खिलाफ हिंसा पर नजर रखने वाले संगठन इमरजेंसी लॉयर्स के अनुसार, सोमवार को राजधानी खार्तूम में हुए ड्रोन हमले में तीन बच्चों की जान चली गई। वहीं, शुक्रवार से देश के पश्चिमी हिस्सों में हुए हमलों में 160 से अधिक लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है। लगातार बढ़ते हमलों ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
पश्चिम कोर्दोफान में बाजार के पास सबसे घातक हमला
हालिया हमलों में सबसे भयावह घटना रविवार शाम पश्चिम कोर्दोफान राज्य के अल-दिबाब शहर में हुई। स्थानीय निवासियों और चिकित्सा कर्मियों के मुताबिक, बाजार बंद होने के बाद गांवों के लोग घर लौटने के लिए एक परिवहन केंद्र पर वाहन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान वहां ड्रोन हमला हुआ, जिसमें करीब 80 लोगों की मौत हो गई।
घायलों में 30 ने इलाज के दौरान तोड़ा दम
हमले में घायल 47 लोगों को नजदीकी अल-मुजिलद शहर ले जाया गया। चिकित्सा से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, इनमें से 30 लोगों की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। समाचार एजेंसी एएफपी ने भी इस घटना की जानकारी दी है। रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के स्वघोषित प्रशासन ‘तासिस’ और इमरजेंसी लॉयर्स ने हमले के लिए सूडानी सेना को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, युद्ध के बीच सामने आए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
सेना और RSF के बीच सत्ता संघर्ष से शुरू हुआ युद्ध
सूडान में मौजूदा गृहयुद्ध अप्रैल 2023 में शुरू हुआ था। सेना प्रमुख अब्देल फत्ताह अल-बुरहान और अर्धसैनिक संगठन RSF के नेता मोहम्मद हमदान दगालो, जिन्हें हेमेदती के नाम से भी जाना जाता है, के बीच सत्ता और सैन्य नियंत्रण को लेकर विवाद बढ़ गया। RSF को राष्ट्रीय सेना में शामिल करने की योजना पर दोनों पक्षों के मतभेद संघर्ष का प्रमुख कारण बने। इसके बाद देश में हिंसा लगातार फैलती गई और ड्रोन हमलों का इस्तेमाल भी बढ़ा।
गृहयुद्ध में 59 हजार मौतें, लाखों लोग बेघर
संघर्ष पर नजर रखने वाली संस्था ACLED के आंकड़ों के अनुसार, युद्ध में अब तक कम से कम 59 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। राहत संगठनों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे काफी अधिक हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, करीब 1.3 करोड़ लोग अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर हुए हैं। सूडान का संकट दुनिया की सबसे गंभीर मानवीय आपात स्थितियों में शामिल हो गया है।
3.37 करोड़ लोगों को खाद्य सहायता की जरूरत
संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार, इस वर्ष सूडान में 3.37 करोड़ लोगों को तत्काल खाद्य सहायता की आवश्यकता है। इनमें लगभग 1.73 करोड़ बच्चे शामिल हैं। करीब 8.25 लाख बच्चों पर गंभीर कुपोषण का खतरा मंडरा रहा है। लगातार हिंसा के कारण भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षित आश्रय तक पहुंचना मुश्किल होता जा रहा है।
अमेरिका ने युद्धविराम और हथियार प्रतिबंध बढ़ाने की मांग की
पिछले शुक्रवार अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से सूडान में मानवीय युद्धविराम की पहल करने और हथियार प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाने की अपील की। हालांकि, चीन और रूस ने प्रतिबंधों के विस्तार का विरोध किया। ऐसे में सूडान में हिंसा रोकने और लाखों प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के सामने चुनौती बनी हुई है।
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