Tamil Nadu Karur Stampede: तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर को तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख और अभिनेता विजय की रैली के दौरान मची भगदड़ में अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह घटना न केवल जनता बल्कि छात्रों में भी भारी आक्रोश का कारण बनी है। करूर में तमिलनाडु छात्र संघ ने विजय के खिलाफ कड़े विरोध स्वरूप उनके पोस्टर लगाए हैं, जिनमें उनके ‘खून से सने हाथ’ दिखाए गए हैं। इस घटना ने राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी स्तर पर बहस छेड़ दी है।

भगदड़ की वजह और सुरक्षा व्यवस्थाओं में चूक
तमिलनाडु के डीजीपी जी. वेंकटरमण ने बताया कि रैली के लिए केवल 10,000 लोगों की अनुमति दी गई थी, लेकिन करीब 20 से 25 हजार लोग एकत्रित हो गए थे। लगभग 1.2 लाख वर्ग फुट के क्षेत्र में इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। हालांकि, भीड़ में मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए यह संख्या अपर्याप्त साबित हुई।

रैली के दौरान एक बच्ची के खो जाने की अफवाह और लोग अभिनेता विजय को देखने के लिए पेड़ पर चढ़ गए, जिससे पेड़ की डाल टूट गई और भगदड़ मच गई। इसके अलावा, विजय के देर से आने से पहले से तपती धूप में भीड़ गर्मी और उमस से परेशान हो रही थी। कई लोग बेहोश हो गए और सांस लेने में कठिनाई हुई।
इस भगदड़ में कई बच्चे और महिलाएं भी कुचली गईं, जिनमें दो मासूम बच्चियों की मौत सबसे दुखद खबर बनी। पुलिस और वॉलंटियर्स भीड़ को संभालने में नाकाम रहे, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई।
छात्र संघ का गुस्सा और धमकियां
इस दुखद घटना के बाद छात्रों में गुस्सा बढ़ गया है। तमिलनाडु छात्र संघ ने अभिनेता विजय की कड़ी निंदा करते हुए करूर में उनके पोस्टर लगाए हैं, जिनमें उनके हाथ खून से सने हुए दिखाए गए हैं। इसके अलावा, विजय के नीलांकरई स्थित घर को बम से उड़ाने की धमकी भी दी गई थी। हालांकि, पुलिस ने बम-डॉग स्क्वायड के साथ सर्च ऑपरेशन कर कोई विस्फोटक पदार्थ नहीं पाया। विजय फिलहाल अपने घर की सुरक्षा बढ़ा चुके हैं।
मद्रास हाईकोर्ट में आज सुनवाई
भगदड़ मामले की जांच के लिए तमिलगा वेत्री कझगम ने साजिश का आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग की है। इस याचिका पर आज मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। यह सुनवाई दोपहर 2 बजे के बाद शुरू होने की संभावना है। इस मामले में कोर्ट के निर्णय पर आगे की कानूनी कार्रवाई निर्भर करेगी।
करूर भगदड़ ने तमिलनाडु में राजनीतिक और सामाजिक असुरक्षा की तस्वीर पेश की है। अनुमति से अधिक भीड़, खराब प्रबंधन और सुरक्षा में चूक ने इस हादसे को जन्म दिया। इसके साथ ही, अभिनेता विजय पर छात्र संघ का गुस्सा और धमकियां इस घटना की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों को सजा दिलाना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।











