Mehbooba Mufti Iran Visit: ईरान पहुंचीं महबूबा मुफ्ती, तेहरान में खामेनेई को भारतीय प्रतिनिधिमंडल संग दी श्रद्धांजलि

Mehbooba Mufti ईरान की राजधानी Tehran पहुंचीं, जहां उन्होंने भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ Ayatollah Ali Khamenei को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरे को सिर्फ शोक यात्रा नहीं, बल्कि भारत-ईरान संबंधों और क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

Mehbooba Mufti Iran Visit: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह की शुरुआत शनिवार, 4 जुलाई से हो रही है। इस ऐतिहासिक और भावुक अवसर के लिए तेहरान पूरी तरह तैयार है और दुनिया भर से विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंच रहे हैं। खामेनेई का अंतिम संस्कार 9 जुलाई तक चलेगा, जिसके बाद उन्हें उनके पैतृक शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस विशाल समारोह में भाग लेने के लिए 2 करोड़ से अधिक लोगों के तेहरान पहुंचने का अनुमान है। पूरे ईरान की सड़कें खामेनेई के विशाल पोस्टरों और होर्डिंग्स से पट गई हैं, जो एक युग के अंत और उनके प्रति ईरानी जनता की गहरी श्रद्धा को दर्शाते हैं।

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भारतीय प्रतिनिधिमंडल की तेहरान में उपस्थिति

इस अंतिम विदाई समारोह में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विदेश मामलों के प्रमुख सलमान खुर्शीद समेत देश के कई प्रमुख शिया नेताओं ने तेहरान पहुंचकर खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ‘सलात-अल-जनाज़ा’ (अंतिम संस्कार की नमाज़) में हिस्सा लिया और दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए दुआ की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन द्वारा औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया था, परंतु पूर्व-निर्धारित अंतरराष्ट्रीय व्यस्तताओं के कारण वे व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके। भारत सरकार की ओर से इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा कर रहे हैं।

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अयातुल्लाह अली खामेनेई: 36 वर्षों का एक लंबा कार्यकाल

अयातुल्लाह अली खामेनेई ने करीब 36 वर्षों तक ईरान का नेतृत्व किया। उनका निधन 28 फरवरी, 2026 को एक दुखद घटना में हुआ, जब वे अमेरिका-इजरायल की एक एयर स्ट्राइक का शिकार हो गए थे। उनकी मृत्यु ने पूरे मिडिल ईस्ट की भू-राजनीतिक स्थिति को हिलाकर रख दिया और वहां एक भयंकर युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई। संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट को बंद करना पड़ा, जिसका व्यापक असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा। भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में तेल और एलपीजी गैस की कीमतों में भारी उछाल देखा गया, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया।

छह दिवसीय शोक और भावी कार्यक्रम

ईरानी प्रशासन ने खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए छह दिनों का विस्तृत शोक कार्यक्रम तैयार किया है। 7 जुलाई को ‘कौम’ शहर में विशेष धार्मिक आयोजन और शोक सभाएं निर्धारित की गई हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि इस शोक अवधि के दौरान सड़कों पर करोड़ों लोगों का जनसैलाब उमड़ेगा, जो देश भर से तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों की ओर बढ़ेंगे। इस विदाई समारोह के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। यह विदाई समारोह न केवल खामेनेई के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर है, बल्कि ईरान की आंतरिक स्थिरता और भावी राजनीतिक दिशा के लिए भी एक महत्वपूर्ण परीक्षा साबित होगा। पूरे विश्व की निगाहें फिलहाल ईरान में होने वाले इन आयोजनों और वहां की बदलती परिस्थितियों पर टिकी हैं।

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