Teacher Child Abuse :राजधानी रायपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निजी स्कूल की महिला टीचर ने 6 साल की मासूम बच्ची को अगरबत्ती से चेहरे पर दागने का अमानवीय कृत्य किया। यह मामला सुंदर नगर स्थित कृष्णा किड्स एकेडमी का है। घटना के सामने आने के बाद से अभिभावकों में आक्रोश है और वे आरोपी महिला शिक्षक पर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बच्ची ने खुद बताया- “दीपा टीचर ने जलाया चेहरा” जब महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने बच्ची से बातचीत की, तो उसने बताया कि उसकी क्लास टीचर दीपा मैम ने अगरबत्ती से चेहरा जलाया। बच्ची के चेहरे पर जलने के निशान भी पाए गए हैं। यही नहीं, एक अन्य बच्ची ने भी बताया कि दीपा टीचर ने उसे थप्पड़ मारा था। अफसरों का कहना है कि बच्ची बहुत छोटी है और डरी हुई भी है, इसलिए वह पूरी घटना खुलकर नहीं बता पा रही है। परिजनों ने जताई नाराजगी, बच्ची को स्कूल जाने से डर बच्ची के पिता ने बताया कि घटना 17-18 सितंबर की है, जब बच्ची स्कूल से वापस आई तो बहुत डरी हुई थी और स्कूल जाने से मना कर रही थी। पूछने पर उसने बताया कि दीपा टीचर ने अगरबत्ती से उसे जलाया। परिजनों का आरोप है कि यह पहली बार नहीं है, टीचर पहले भी बच्चों के साथ मारपीट कर चुकी है। एक अन्य अभिभावक ने बताया कि उनकी बच्ची को टीचर ने थप्पड़ मारा था, जिससे बच्ची के दांत में कई दिन तक दर्द रहा। परिजनों का कहना है कि छोटे बच्चों से अनुशासन बनाए रखने के लिए डांटना समझ में आता है, लेकिन इस तरह की शारीरिक प्रताड़ना अस्वीकार्य है। स्कूल प्रबंधन ने टीचर को हटाया, लेकिन CCTV पर विवाद मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने आरोपी टीचर दीपा को नौकरी से निकाल दिया है। हालांकि, स्कूल प्रशासन का कहना है कि CCTV फुटेज में मारपीट जैसा कुछ नजर नहीं आया। प्रबंधन ने स्वीकार किया कि अभिभावकों के दबाव के चलते टीचर को हटाया गया है। बाल विकास विभाग की टीम ने भी स्कूल पहुंचकर CCTV फुटेज खंगाले और बच्ची से बयान लिया। अधिकारी अब Child Welfare Committee (CWC) में बच्ची और परिजनों के बयान दर्ज कराएंगे, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। अभिभावकों की मांग- हो कड़ी कानूनी कार्रवाई अभिभावकों का कहना है कि केवल नौकरी से निकाल देना पर्याप्त नहीं है, आरोपी टीचर पर IPC की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर कानूनी सजा दी जानी चाहिए। इससे भविष्य में किसी भी शिक्षक को इस तरह की हरकत करने से पहले दस बार सोचना पड़ेगा। शिक्षा के मंदिर में हिंसा की यह घटना निंदनीय है। जहां बच्चों को स्नेह और मार्गदर्शन मिलना चाहिए, वहां डर और प्रताड़ना मिल रही है। अब जरूरत है कि ऐसी घटनाओं पर कड़ी और समयबद्ध कार्रवाई हो, ताकि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। Read More: Raipur Nagar Nigam Politics : रायपुर नगर निगम में सियासी उठापटक, आकाश तिवारी को नकार कर संदीप साहू बने नेता प्रतिपक्ष














