Bihar Politics 2026 : बिहार सरकार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के मंत्री और महुआ विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय कुमार सिंह ने जनशक्ति जनता दल (JJD) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को 50 करोड़ रुपये का कानूनी मानहानि नोटिस भेजा है। यह नोटिस मंत्री की ओर से उनके अधिवक्ता सुशील कुमार के माध्यम से जारी किया गया है। नोटिस में तेज प्रताप यादव के सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। मंत्री पक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत, बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कहा है कि इससे उनकी सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है।
एक्स और फेसबुक पोस्ट को बताया अपमानजनक
कानूनी नोटिस के अनुसार, तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक के माध्यम से मंत्री संजय कुमार सिंह को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे। मंत्री के वकील ने नोटिस में दावा किया है कि इन आरोपों का कोई आधार नहीं है और इन्हें सार्वजनिक किए जाने से मंत्री की सामाजिक तथा राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। नोटिस में यह भी कहा गया है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ बिना प्रमाण गंभीर आरोप सार्वजनिक करना उसकी प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है। इसी आधार पर मंत्री पक्ष ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सात दिन में माफी मांगने की मांग
मानहानि नोटिस में तेज प्रताप यादव को सात दिनों की समय सीमा दी गई है। उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन करने की मांग की गई है। नोटिस में कहा गया है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर माफी और खंडन नहीं किया जाता है, तो मंत्री संजय कुमार सिंह की ओर से तेज प्रताप यादव के खिलाफ 50 करोड़ रुपये की मानहानि का सिविल और क्रिमिनल मुकदमा दायर किया जाएगा।
तेज प्रताप यादव ने लगाए थे गंभीर आरोप
दरअसल, तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर मंत्री संजय कुमार सिंह को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उनके मुताबिक, मंत्री ने दिल्ली दौरे के दौरान एक बड़े होटल में एक महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया था। तेज प्रताप यादव ने पोस्ट के जरिए इस मामले को गंभीर बताते हुए सरकार से इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। उनके आरोपों के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई थी।
महिला कर्मचारी के कथित शोषण का लगाया आरोप
तेज प्रताप यादव की ओर से किए गए दावे में यह भी आरोप लगाया गया था कि होटल में मौजूद महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर शोषण का प्रयास किया गया। उन्होंने सरकार से मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी आधिकारिक जांच या संबंधित प्राधिकरण की ओर से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले में लगाए गए आरोपों को फिलहाल दावों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
25 लाख रुपये के कथित लेन-देन का भी दावा
तेज प्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा भी किया था कि मामले को दबाने और उसे रफा-दफा करने के लिए कथित तौर पर 25 लाख रुपये का लेन-देन किया गया। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। दूसरी ओर, मंत्री संजय कुमार सिंह की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में तेज प्रताप यादव द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को झूठा, निराधार और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया है।
अब आमने-सामने दोनों राजनीतिक पक्ष
इस पूरे विवाद के बाद मामला राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर कानूनी मोड़ ले चुका है। एक तरफ तेज प्रताप यादव ने मंत्री पर गंभीर आरोप लगाकर जांच की मांग की थी, वहीं दूसरी ओर मंत्री संजय कुमार सिंह ने 50 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस भेजकर आरोपों को खारिज किया है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि तेज प्रताप यादव सात दिनों के भीतर नोटिस का क्या जवाब देते हैं और क्या दोनों पक्षों के बीच यह विवाद अदालत तक पहुंचता है।
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