Assam shoot at sight : असम के धुबरी ज़िले में हिंसा की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने ‘देखते ही गोली मारने के आदेश’ को दुर्गा पूजा तक बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कोकराझार में एक कार्यक्रम के दौरान इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला एहतियातन लिया गया है ताकि धुबरी में फिर से कोई अप्रिय घटना न घटे और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

हिंसा थमी, लेकिन एहतियात जरूरी
हालांकि पिछले दो महीनों से धुबरी में कोई नई हिंसक घटना सामने नहीं आई, लेकिन सरकार स्थिति को लेकर अब भी सतर्क है। मुख्यमंत्री सरमा ने साफ कहा,”धुबरी इस वक्त शांत है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम ढिलाई बरतें। जो लोग राज्य में गड़बड़ी फैलाना चाहते हैं, उन्हें कड़ा संदेश देना जरूरी है।”सरकार के मुताबिक, आदेश केवल रात के समय लागू रहेगा, लेकिन इसकी समयसीमा दुर्गा पूजा तक बढ़ा दी गई है — ताकि त्योहार के दौरान किसी भी संभावित उपद्रव को रोका जा सके।

क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला?
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार को सूचना मिली थी कि कुछ असामाजिक तत्व धुबरी को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। “अगर कोई दोबारा शांति भंग करने की कोशिश करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।”सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के तहत अब तक 150 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, और गिरफ़्तारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पुलिस प्रशासन को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि त्योहार के समय कानून-व्यवस्था किसी भी हाल में न बिगड़े।
मुख्यमंत्री ने किया था धुबरी का दौरा
मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने 13 जून को धुबरी का दौरा कर वहां की स्थिति का जायज़ा लिया था। उसी समय उन्होंने पहली बार ‘देखते ही गोली मारने’ के आदेश जारी किए थे। दस दिन बाद एक और दौरे में उन्होंने बताया कि पुलिस की सख्ती के चलते हालात नियंत्रण में हैं। लेकिन अब सरकार इस आदेश को जारी रखने के पक्ष में है, ताकि भविष्य में कोई बड़ी घटना न हो।
कानून-व्यवस्था प्राथमिकता: हिमंत सरमा
मुख्यमंत्री ने कहा “राज्य सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। कोई भी ताकत असम की शांति को बाधित नहीं कर सकती।”धुबरी में लगातार हो रही कार्रवाई यह दिखाती है कि सरकार इस बार कड़े रुख में है। खासकर दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार के समय, प्रशासन नहीं चाहता कि किसी भी धार्मिक या सामुदायिक तनाव को भड़काया जाए।
असम सरकार का यह निर्णय राज्य की सुरक्षा नीति में सख्ती और सतर्कता को दर्शाता है। धुबरी जैसे संवेदनशील इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए ‘देखते ही गोली मारने’ जैसे आदेशों को जारी रखना एक चुनौतीपूर्ण लेकिन दृढ़ निर्णय है। दुर्गा पूजा तक यह आदेश लागू रहने से यह संकेत मिल रहा है कि राज्य सरकार हर संभावित खतरे के लिए तैयार है।
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