Weather Today : देशभर में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का मिजाज सामान्य नहीं हुआ है। कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफान का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार 30 अक्टूबर को उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और दक्षिणी भारत तक कई राज्यों में खराब मौसम देखने को मिल सकता है। विभाग ने 16 राज्यों में बारिश और आंधी को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

बंगाल की खाड़ी के प्रभाव से पूर्वी भारत में बारिश
पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों के आसपास तूफानी हवाओं के कारण पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी बारिश होने की आशंका है। ओडिशा, बिहार, झारखंड और आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। पूर्वी भारत के राज्यों में तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम
मौसम में बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और वायुमंडलीय परिसंचरण को प्रमुख कारण माना जा रहा है। दक्षिणी पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में बारिश तथा तेज हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। कई इलाकों में बिजली गिरने और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 30 अक्टूबर को बारिश और आंधी की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है।
उत्तर प्रदेश के 23 जिलों में बारिश की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, कानपुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, गोंडा, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, बलिया, सीतापुर, मैनपुरी, पीलीभीत, मिर्जापुर, सोनभद्र, प्रयागराज, गोरखपुर, देवरिया और संतकबीर नगर में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। लखनऊ में अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

बिहार और झारखंड में तेज बारिश से बढ़ सकती है परेशानी
बिहार के पटना, गया, जमुई, भागलपुर, मुंगेर, बांका, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, दरभंगा, मधुबनी, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, कैमूर और नवादा समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है। पटना में तापमान 23 और 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। झारखंड के रांची, सरायकेला, रामगढ़, हजारीबाग, दुमका, लातेहार, पलामू और लोहरदगा में भी बारिश तथा 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बिजली गिरने का खतरा
उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर, ऋषिकेश, हरिद्वार और चंपावत में बारिश तथा तेज हवाओं का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, चंबा और किन्नौर में भी मौसम बिगड़ सकता है। जम्मू-कश्मीर के जम्मू, किश्तवाड़, अनंतनाग, कठुआ, राजौरी और उधमपुर में बारिश के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने की आशंका है।
पश्चिम बंगाल, पंजाब और राजस्थान में भी बदलेगा मौसम
पश्चिम बंगाल के कोलकाता, बांकुड़ा, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, हावड़ा, दुर्गापुर, मालदा, कालिम्पोंग और पुरुलिया में बारिश तथा 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पंजाब के होशियारपुर, संगरूर, पठानकोट, बरनाला, जालंधर, रूपनगर, चंडीगढ़ और अमृतसर में भी आंधी-बारिश का अलर्ट है। राजस्थान के जयपुर, अलवर, अजमेर, भरतपुर, टोंक, भीलवाड़ा, सीकर, झुंझुनूं, दौसा, सिरोही और अन्य जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश समेत दक्षिण भारत में भी मौसम का असर
मध्य प्रदेश के जबलपुर, डिंडोरी, पन्ना, दमोह, नीमच, शहडोल, रायसेन, मंडला, खरगोन, छिंदवाड़ा, छतरपुर, विदिशा, सिवनी, खंडवा, देवास और बालाघाट समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात में भी मौसम खराब रहने की चेतावनी दी गई है।
किसानों और आम लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और भारी बारिश को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसानों को सलाह है कि वे कटी हुई फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखें। आंधी के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माणों से दूरी बनाए रखें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग भूस्खलन प्रभावित रास्तों पर विशेष सावधानी बरतें। स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की एडवाइजरी पर नजर रखना जरूरी है।
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