Vice President election 2025: देश में उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां एनडीए (NDA) अपने सांसदों को लामबंद करने में जुटा है, वहीं विपक्षी गठबंधन INDIA ने 8 सितंबर को अपने सांसदों के लिए मॉक पोल आयोजित किया। इसी बीच शिवसेना (UBT) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि बीजेपी के पास बहुमत नहीं है और सांसदों को अंतरात्मा की आवाज सुनकर मतदान करना चाहिए।

मॉक पोल का आयोजन विपक्ष की रणनीति का हिस्सा
शनिवार दोपहर 2:30 बजे पुराने संसद भवन में आयोजित इस मॉक पोल का उद्देश्य था कि विपक्षी सांसद चुनाव प्रक्रिया को ठीक से समझें और वास्तविक मतदान के दौरान किसी भी तकनीकी गलती से बचा जा सके। इससे पहले एनडीए के सांसदों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मॉक पोल किया था।

संजय राउत का बड़ा हमला: “बीजेपी के पास बहुमत नहीं”
संजय राउत ने दावा किया कि विपक्ष के उम्मीदवार, जस्टिस बी. सुधर्शन रेड्डी को लेकर सांसदों में सकारात्मकता है। उन्होंने कहा:“बीजेपी के पास इस समय उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए बहुमत नहीं है। यह एक संवैधानिक पद है और हमारा आह्वान है कि सभी सांसद संविधान और राष्ट्र हित में मतदान करें। देश की अंतरात्मा को सुनें।”
“पूर्व उपराष्ट्रपति आज भी गायब हैं”
संजय राउत ने मौजूदा राजनीतिक माहौल पर सवाल उठाते हुए कहा:“देश के पूर्व उपराष्ट्रपति आज भी ‘गायब’ हैं, यह इस बात का संकेत है कि लोकतंत्र में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। जो नेता रीढ़ की हड्डी दिखाता है, उसे साइडलाइन कर दिया जाता है।”उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले उपराष्ट्रपति को भी इस सच्चाई को समझना होगा।
लोकतंत्र बनाम सत्ता की लड़ाई
विपक्ष की ओर से यह चुनाव सिर्फ एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। वहीं एनडीए बहुमत जुटाने के प्रयास में जुटा है और अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
जैसे-जैसे उपराष्ट्रपति चुनाव नजदीक आ रहा है, सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने सांसदों को सक्रिय कर दिया है। संजय राउत के दावे और विपक्ष के मॉक पोल ने चुनावी माहौल को और भी गर्मा दिया है। अब देखना यह होगा कि सांसद संविधान, दल, या अंतरात्मा की आवाज में से किसे प्राथमिकता देते हैं।










