Trump Administration: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रशासन के शीर्ष कानूनी पद पर बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। ट्रंप ने अपने मौजूदा स्टाफ सेक्रेटरी विल शार्क को नया ‘व्हाइट हाउस काउंसिल’ और ‘असिस्टेंट टू द प्रेसिडेंट’ नियुक्त करने की घोषणा की है। शार्क 1 सितंबर से नई जिम्मेदारी संभालेंगे। वह मौजूदा व्हाइट हाउस काउंसिल डेविड वॉरिंगटन की जगह लेंगे, जो जल्द ही सरकारी सेवा छोड़कर निजी क्षेत्र में जाने वाले हैं।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर साझा की जानकारी
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ के जरिए इस नियुक्ति की जानकारी दी। अपने संदेश में उन्होंने डेविड वॉरिंगटन के कार्यकाल की प्रशंसा की और विल शार्क पर भरोसा जताया। ट्रंप ने कहा कि शार्क को राष्ट्रपति के सहायक और व्हाइट हाउस काउंसिल की जिम्मेदारी सौंपना उनके लिए गर्व की बात है।

डेविड वॉरिंगटन की सेवाओं की ट्रंप ने सराहना की
ट्रंप ने डेविड वॉरिंगटन के काम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने व्हाइट हाउस काउंसिल के तौर पर बेहतरीन काम किया। इसके अलावा, वॉरिंगटन ने ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब वह सरकारी जिम्मेदारियों से अलग होकर निजी क्षेत्र में अपने पेशेवर करियर को आगे बढ़ाएंगे।
कौन हैं विल शार्क?
विल शार्क वर्तमान में व्हाइट हाउस में स्टाफ सेक्रेटरी के पद पर काम कर रहे हैं। इससे पहले वह नेशनल कैपिटल प्लानिंग कमीशन यानी NCPC के अध्यक्ष के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। ट्रंप प्रशासन में कानूनी और प्रशासनिक मामलों को समझने के कारण शार्क को महत्वपूर्ण अधिकारी माना जाता है। नई नियुक्ति के बाद राष्ट्रपति के कानूनी मामलों में उनकी भूमिका और ज्यादा बढ़ जाएगी।
ट्रंप की कानूनी लड़ाइयों में निभाई अहम भूमिका
ट्रंप के अनुसार, बाइडन प्रशासन के दौरान उनके खिलाफ चलाए गए विभिन्न कानूनी मामलों में विल शार्क ने उनकी कानूनी टीम का हिस्सा बनकर काम किया था। उन्होंने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट समेत कई अदालतों में ट्रंप का प्रतिनिधित्व किया। इस अनुभव को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संघीय अभियोजक से प्रशासनिक भूमिका तक का सफर
विल शार्क का कानूनी करियर काफी व्यापक रहा है। वह पहले संघीय अभियोजक के रूप में काम कर चुके हैं और निजी क्षेत्र में भी वकालत कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने दो फेडरल अपील्स कोर्ट के जजों के साथ क्लर्क के तौर पर भी काम किया। इन अनुभवों ने उन्हें अमेरिकी कानूनी व्यवस्था की गहरी समझ दी है।
प्रिंसटन और हार्वर्ड से हासिल की शिक्षा
विल शार्क ने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने प्रतिष्ठित हार्वर्ड लॉ स्कूल से कानून की डिग्री हासिल की। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और सरकारी तथा निजी क्षेत्र में कानूनी अनुभव को देखते हुए ट्रंप प्रशासन में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया है।
ट्रंप ने शार्क को बताया मजबूत और समझदार
राष्ट्रपति ट्रंप ने विल शार्क की तारीफ करते हुए उन्हें मजबूत, कड़ा और समझदार बताया। उन्होंने कहा कि शार्क देश से प्रेम करते हैं और कानून का सम्मान करते हैं। ट्रंप के इस बयान से संकेत मिलता है कि वह नए व्हाइट हाउस काउंसिल से प्रशासन के कानूनी मामलों में मजबूती से काम करने की उम्मीद कर रहे हैं।
डेविड वॉरिंगटन अब निजी क्षेत्र में जाएंगे
व्हाइट हाउस काउंसिल का पद छोड़ने वाले डेविड वॉरिंगटन ट्रंप के 2024 राष्ट्रपति चुनाव अभियान में व्यक्तिगत वकील और कानूनी सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं। व्हाइट हाउस में अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के बाद अब वह निजी क्षेत्र में कदम रखेंगे। उनके जाने के बाद विल शार्क प्रशासन के शीर्ष कानूनी सलाहकार की भूमिका संभालेंगे।
व्हाइट हाउस काउंसिल की जिम्मेदारी क्या होती है?
व्हाइट हाउस काउंसिल राष्ट्रपति और प्रशासन को कानूनी सलाह देने वाला प्रमुख पद है। इस पद पर रहने वाला अधिकारी राष्ट्रपति के सामने आने वाले कानूनी मुद्दों, प्रशासनिक जांच और विभिन्न कानूनी मामलों के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए इस पद पर नियुक्ति का सीधा असर प्रशासन की कानूनी रणनीति पर पड़ सकता है।
मध्यावधि चुनाव से पहले नियुक्ति अहम
अमेरिका में आगामी मध्यावधि चुनावों को देखते हुए विल शार्क की नियुक्ति को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रंप प्रशासन को आने वाले समय में कई कानूनी और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में राष्ट्रपति के करीबी और अनुभवी कानूनी अधिकारी के तौर पर शार्क की नई भूमिका काफी अहम रहने वाली है।
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