Trump Xi meeting 2025: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार, 1 अक्टूबर को घोषणा की कि वह आगामी चार सप्ताह के भीतर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में सोयाबीन की खरीद को लेकर चल रहे विवाद और अन्य कृषि उत्पादों पर चर्चा प्रमुख रहेगी। ट्रंप ने कहा कि चीन ने ‘नेगोशिएशन के कारणों’ से सोयाबीन की खरीद बंद कर दी है, जिससे अमेरिकी किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने किसानों के समर्थन का भी संकल्प जताया है।

ट्रंप का किसानों के प्रति समर्थन
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के माध्यम से किसानों की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने लिखा, “हमारे देश के सोयाबीन किसानों को नुकसान हो रहा है क्योंकि चीन केवल ‘बातचीत’ के कारण सोयाबीन खरीदना बंद कर चुका है। हमने टैरिफ से इतना पैसा कमाया है कि हम उसका एक छोटा हिस्सा लेकर अपने किसानों की मदद करेंगे। मैं अपने किसानों को कभी निराश नहीं होने दूंगा।”

उन्होंने अमेरिका के वर्तमान प्रशासन, विशेष रूप से जो बाइडेन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बाइडेन ने चीन के साथ पिछले समझौते को लागू नहीं किया, जिसके तहत चीन अरबों डॉलर के कृषि उत्पाद खरीदने वाला था। ट्रंप ने कहा, “खासकर सोयाबीन नहीं खरीदी जा रही है, लेकिन मैं आश्वस्त हूं कि यह सब सही दिशा में जाएगा।”
शी जिनपिंग के साथ बातचीत का महत्व
ट्रंप ने साफ किया कि वे शी जिनपिंग के साथ बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार हैं और इस मुलाकात में सोयाबीन का मुद्दा मुख्य रहेगा। उन्होंने कहा, “मुझे हमारे देशभक्त और हर किसान से बहुत लगाव है। मैं चार सप्ताह में चीन के राष्ट्रपति से मिलूंगा, और सोयाबीन इस चर्चा का एक बड़ा विषय होगा। अन्य फसलें भी बेहतर होंगी।”
यह मुलाकात अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते आर्थिक तनाव के बीच हो रही है, जहां व्यापारिक टैरिफ और कृषि उत्पादों की खरीद को लेकर विवाद गहराया है। सोयाबीन को लेकर चीन और अमेरिका के बीच यह गतिरोध दोनों देशों के किसानों के लिए चिंता का विषय बन चुका है।
टिकटॉक डील पर ट्रंप की घोषणा
इससे पहले 20 सितंबर को ट्रंप ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की थी। उन्होंने बताया था कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका में वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म टिकटॉक की डील को मंजूरी दे दी है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा था, “शी जिनपिंग के साथ मेरी अच्छी बातचीत हुई। टिकटॉक डील को मंजूरी मिल गई है। हम इस डील को जल्द पूरा करने के लिए उत्सुक हैं। इसे औपचारिकता मात्र बची है।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका इस डील पर कड़ा नियंत्रण रखेगा, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने इसे वाशिंगटन के लिए एक ‘बहुत अच्छी डील’ करार दिया।
अमेरिका-चीन व्यापारिक संबंधों पर प्रभाव
ट्रंप की यह मुलाकात और घोषणाएं अमेरिका-चीन के व्यापारिक संबंधों में संभावित सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। पिछले वर्षों में दोनों देशों के बीच बढ़े व्यापारिक तनाव ने वैश्विक बाजारों और कृषि क्षेत्र को प्रभावित किया है। खासकर अमेरिका के किसानों को चीन की ओर से कृषि उत्पादों की कम खरीद से नुकसान उठाना पड़ा है।ट्रंप ने अपने कार्यकाल में चीन के खिलाफ कड़े टैरिफ लगाए थे, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध छिड़ गया था। अब भी सोयाबीन जैसे प्रमुख कृषि उत्पादों की खरीद को लेकर मतभेद जारी हैं। ट्रंप का मानना है कि शी जिनपिंग से बातचीत से इस समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप की शी जिनपिंग से आगामी चार सप्ताह में मिलने की घोषणा ने अमेरिका-चीन के व्यापारिक रिश्तों में संभावित सुधार की उम्मीद जगाई है। विशेष रूप से सोयाबीन और अन्य कृषि उत्पादों के व्यापार को लेकर हो रही समस्याओं को सुलझाने के लिए यह मुलाकात अहम साबित हो सकती है।
ट्रंप का किसानों के प्रति समर्थन और किसानों की आर्थिक मदद की प्रतिबद्धता उनके राजनीतिक एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। यह बैठक न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी लाभकारी हो सकती है।
Read More :PoK unrest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बगावत: हिंसा के बीच बातचीत की उम्मीद जगी











