India Pakistan Conflict: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने विवादास्पद और चौंकाने वाले बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को महज 24 घंटे में सुलझा दिया, वो भी टैरिफ (आयात शुल्क) के ज़रिए। उनका कहना है कि अगर उनके पास टैरिफ लगाने का अधिकार न होता, तो शायद ये युद्ध कभी खत्म न होता।ट्रंप ने कहा, “मैंने भारत और पाकिस्तान से कहा कि अगर आप युद्ध लड़ना चाहते हैं, तो मैं आप दोनों पर 100, 150 या 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगा दूंगा। फिर मैंने टैरिफ लगा भी दिया और संघर्ष 24 घंटे में शांत हो गया।”

गाजा शांति शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल
ट्रंप इन दिनों मिस्र के शर्म अल-शेख में होने जा रहे गाजा शांति शिखर सम्मेलन के लिए रवाना हो चुके हैं। इससे पहले वह इजराइल पहुंचेंगे और फिर मिस्र जाएंगे। इस सम्मेलन में 20 से अधिक वैश्विक नेता हिस्सा लेंगे। भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह हिस्सा ले रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से सम्मिलित नहीं होंगे।

इजराइल-हमास युद्ध के बाद पहली यात्रा
यह ट्रंप की इजराइल-हमास युद्धविराम के बाद पहली महत्वपूर्ण यात्रा मानी जा रही है। उन्होंने इसे “ऐतिहासिक और निर्णायक क्षण” बताया है। ट्रंप ने कहा, “पहली बार ऐसा हो रहा है जब सभी पक्ष खुश हैं। आमतौर पर एक पक्ष संतुष्ट होता है और दूसरा नाखुश। लेकिन इस बार सबकी सहमति है।”
आठ युद्ध सुलझाने का दावा
ट्रंप ने इस मौके पर दावा किया कि उन्होंने अब तक आठ अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का समाधान किया है, जिनमें से कुछ युद्ध 31, 32 और 37 वर्षों से चल रहे थे। उनका कहना है कि उन्होंने लाखों लोगों की जान बचाई है।
उन्होंने यह भी कहा, “मैंने यह नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नहीं किया, बल्कि मानव जीवन बचाने के लिए किया। फिर भी, ईमानदारी से कहूं तो यह नोबेल पुरस्कार का हकदार है।”
सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे ट्रंप
गौरतलब है कि इस सम्मेलन की सह-अध्यक्षता मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी और डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। इस दौरान गाजा में युद्धविराम, मानवीय सहायता और पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के उपायों पर चर्चा होगी।
प्रमुख नेता होंगे शामिल
इस शिखर सम्मेलन में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस जैसे विश्व नेता भी भाग लेंगे। भारत की ओर से विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। ट्रंप के ये दावे जहां एक ओर उनकी रणनीतिक सोच को उजागर करते हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बहस छिड़ गई है। क्या वाकई टैरिफ से युद्ध रोका जा सकता है? यह सवाल फिर से चर्चा में है।










