अंतरराष्ट्रीय

Trump Greenland deal : ट्रंप की ग्रीनलैंड पर नजर, डेनमार्क और नाटो देशों में भारी खलबली

Trump Greenland deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को चौंकाते हुए ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने की इच्छा जाहिर की है। वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप और वहां के राष्ट्रपति को हिरासत में लिए जाने की घटना के तुरंत बाद आया यह बयान वैश्विक राजनीति में तूफान ले आया है। ट्रंप के इस रुख ने न केवल डेनमार्क और ग्रीनलैंड को आक्रोशित किया है, बल्कि पूरे यूरोप और नाटो (NATO) गठबंधन के अस्तित्व पर भी संकट के बादल मंडरा दिए हैं। डेनमार्क के कड़े विरोध के बावजूद व्हाइट हाउस अपने स्टैंड से पीछे हटता नहीं दिख रहा है।

नाटो के सामने अभूतपूर्व संकट: क्या सदस्य देश ही भिड़ेंगे?

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी ने नाटो गठबंधन को एक ऐसी स्थिति में ला खड़ा किया है जिसकी कल्पना कभी नहीं की गई थी। नाटो का बुनियादी सिद्धांत ‘आर्टिकल 5’ कहता है कि एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा। लेकिन अब संभावना यह बन रही है कि संगठन का सबसे शक्तिशाली सदस्य (अमेरिका) अपने ही एक सहयोगी (डेनमार्क) पर हमला कर सकता है। व्हाइट हाउस ने ग्रीनलैंड के मामले में सैन्य विकल्प से इनकार नहीं किया है, जिसने सुरक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है।

डेनमार्क की प्रधानमंत्री की चेतावनी: ‘खतरे में है नाटो का भविष्य’

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने इस मुद्दे पर अत्यंत सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर सैन्य कार्रवाई या जबरन कब्जे का प्रयास करता है, तो नाटो गठबंधन का अंत निश्चित है। यूरोपीय नेताओं में इस बात को लेकर गहरी चिंता है, लेकिन वे खुलकर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह रूस के साथ जारी तनाव है। यूरोप इस समय रूस के खिलाफ अमेरिका का साथ नहीं छोड़ना चाहता, इसलिए वे ट्रंप को नाराज करने का जोखिम नहीं उठा पा रहे हैं।

पेरिस बैठक में दिखा तनाव: यूक्रेन और ग्रीनलैंड के बीच फंसा यूरोप

यूरोप के सामने इस समय दोहरी चुनौती है—एक ओर उसे नाटो को बचाना है और दूसरी ओर अमेरिका को ग्रीनलैंड से दूर रखना है। यह बेचैनी हाल ही में पेरिस में आयोजित एक बैठक में भी साफ दिखाई दी। वहां अमेरिका समेत 35 देशों के प्रतिनिधि रूस के साथ संभावित शांति समझौते के बाद यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी पर चर्चा करने जुटे थे। जब ग्रीनलैंड का मुद्दा उठा, तो ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने केवल डेनमार्क के साथ एकजुटता की बात कहकर टालमटोल की। वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इस सीधे सवाल से किनारा कर लिया।

अमेरिका पर यूरोप की सैन्य निर्भरता: मजबूरी या कमजोरी?

पॉलिटिकल रिस्क कंसल्टेंसी ‘यूरेशिया ग्रुप’ के मुजतबा रहमान का मानना है कि यूरोपीय नेता निजी तौर पर अमेरिका के खिलाफ सख्त स्टैंड लेना चाहते हैं, लेकिन उनकी सैन्य निर्भरता उन्हें रोक रही है। यूरोप को अपनी सैन्य क्षमताओं को फिर से खड़ा करने में कम से कम तीन से पांच साल लगेंगे। तब तक वे पूरी तरह से वाशिंगटन के ‘रहम-ओ-करम’ पर हैं। पूर्व अमेरिकी राजनयिक डैनियल फ्राइड ने भी पुष्टि की कि यूरोप केवल हथियारों के लिए ही नहीं, बल्कि सुरक्षा छतरी के लिए भी ट्रंप की नाराजगी से डरता है।

ग्रीनलैंड की रणनीतिक अहमियत और वहां का जनमत

करीब 57,000 की आबादी वाला ग्रीनलैंड भौगोलिक रूप से उत्तरी अमेरिका के करीब है लेकिन राजनीतिक रूप से डेनमार्क का हिस्सा है। यहाँ स्व-शासन (Autonomous) व्यवस्था है, जहाँ उनका अपना प्रधानमंत्री होता है, परंतु रक्षा और विदेश नीति डेनमार्क संभालता है। रणनीतिक रूप से यह द्वीप आर्कटिक क्षेत्र में नियंत्रण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि ग्रीनलैंड के लोग अक्सर डेनमार्क से पूर्ण स्वतंत्रता की मांग करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वे अमेरिकी नियंत्रण में जाना चाहते हैं। स्थानीय स्तर पर अमेरिकी हस्तक्षेप को लेकर भारी गुस्सा देखा जा रहा है।

सैन्य बेस बनाने का प्रस्ताव: ट्रंप को कड़ा संदेश देने की तैयारी

यूरोपियन पार्लियामेंट के सदस्य राफेल ग्लक्समैन ने प्रस्ताव दिया है कि यूरोपीय संघ को ग्रीनलैंड में अपना स्थायी मिलिट्री बेस बनाना चाहिए ताकि ट्रंप को यह संदेश दिया जा सके कि यूरोप अपनी जमीन की रक्षा करना जानता है। दूसरी ओर, माजदा रूज जैसे विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका के साथ सीधे सैन्य टकराव से बचना चाहिए और कूटनीतिक रास्तों से ग्रीनलैंड को बचाना चाहिए। ये विरोधाभासी विचार दिखाते हैं कि ग्रीनलैंड का मुद्दा आने वाले समय में वैश्विक राजनीति की दिशा बदल सकता है।

Read More: Himachal Accident: हिमाचल के सिरमौर में भीषण बस हादसा, गहरी खाई में गिरी बस, 8 की मौत

Thetarget365

Recent Posts

Uttam Nagar Fire: दिल्ली के उत्तम नगर में तांडव, 400 झुग्गियां जलकर राख, मटियाला इलाके में मची भीषण तबाही!

Uttam Nagar Fire : देश की राजधानी दिल्ली से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है,…

6 minutes ago

Chhattisgarh heatwave: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, जानें कब बरसेंगे बादल और कब गिरेगा पारा, मौसम विभाग का नया अपडेट!

Chhattisgarh heatwave: छत्तीसगढ़ में इस साल मार्च का महीना उम्मीद से कहीं ज्यादा गर्म साबित…

35 minutes ago

CAPF Vacancies: संसद में नौकरियों का पिटारा, अर्धसैनिक बलों में खाली हैं 93 हजार से अधिक पद

CAPF Vacancies: केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद की कार्यवाही के दौरान देश की सुरक्षा,…

40 minutes ago

Delhi Weather: दिल्ली-एनसीआर में मौसम का यू-टर्न,15 मार्च को होगी झमाझम बारिश, गर्मी से मिलेगी राहत!

Delhi Weather: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में रहने वाले लोगों के लिए मौसम…

1 hour ago

This website uses cookies.