Trump Lake Ontario : अमेरिका और कनाडा के बीच चल रहे व्यापारिक तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और विवादित कदम उठाया है। ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए अमेरिका में लेक ओंटारियो के नाम को बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने का ऐलान किया। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब दोनों पड़ोसी देशों के बीच टैरिफ और व्यापार नीतियों को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। ट्रंप के इस कदम को कनाडा पर राजनीतिक दबाव बनाने और अपने आक्रामक रुख को प्रदर्शित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
ओवल ऑफिस में साइन किया आदेश
राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस में स्थित रेसोल्यूट डेस्क पर बैठकर इस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान उनके पीछे ग्रेट लेक्स का एक बड़ा नक्शा लगाया गया था। नक्शे में लेक ओंटारियो की जगह बड़े लाल अक्षरों में ‘लेक अमेरिका’ लिखा नजर आया। राष्ट्रपति के दूसरी तरफ रखे एक बोर्ड पर ‘मेकिंग द ग्रेट लेक्स ईवन ग्रेटर’ संदेश लिखा हुआ था। इस पूरी प्रस्तुति के जरिए ट्रंप प्रशासन ने फैसले को सार्वजनिक तौर पर खास अंदाज में पेश किया।
तत्काल प्रभाव से लागू होगा फैसला
आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए ट्रंप ने कहा कि इस फैसले से जुड़े सभी जरूरी लोगों को जानकारी दे दी गई है। उन्होंने दावा किया कि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं और नया नाम तत्काल प्रभाव से आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। कार्यकारी आदेश के तहत अमेरिकी आंतरिक विभाग को देश की भौगोलिक नामकरण सेवा में झील का नाम अपडेट करने का निर्देश दिया गया है।
कनाडा पर फैसला लागू नहीं होगा
हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने अपने अधिकार क्षेत्र में झील का नाम बदलने का निर्णय लिया है, लेकिन यह फैसला कनाडा के लिए बाध्यकारी नहीं है। लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा के बीच स्थित ग्रेट लेक्स प्रणाली का हिस्सा है। ऐसे में कनाडा अपने क्षेत्र में इस जल निकाय के लिए पुराने नाम का इस्तेमाल जारी रख सकता है। यही वजह है कि ट्रंप का निर्णय दोनों देशों के बीच एक अलग तरह के विवाद को जन्म दे सकता है।
व्यापार युद्ध के बीच बढ़ा तनाव
ट्रंप का यह फैसला अमेरिका-कनाडा व्यापार विवाद के बीच सामने आया है। दोनों देशों के बीच हालिया बातचीत विफल होने के बाद अमेरिका ने कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाने का कदम उठाया। कनाडा की कार्रवाई में स्टील, डेयरी उत्पाद, उपकरण और कृषि से जुड़े सामान सहित कई वस्तुएं शामिल बताई गई हैं।
ट्रंप का कनाडा पर लगातार आक्रामक रुख
राष्ट्रपति पद पर वापसी के बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप कनाडा को लेकर लगातार कड़ा रुख अपनाते रहे हैं। व्यापारिक शुल्क बढ़ाने के अलावा उन्होंने कई मौकों पर कनाडा को अमेरिका का संभावित 51वां राज्य बनाने जैसी टिप्पणी भी की है। हालांकि कनाडा ने इस तरह के विचार को स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में लेक ओंटारियो का नाम बदलने का फैसला भी दोनों देशों के रिश्तों में जारी राजनीतिक और आर्थिक खींचतान का हिस्सा माना जा रहा है।
‘लेक अमेरिका’ नाम पर आगे बढ़ सकता है विवाद
ट्रंप प्रशासन द्वारा अमेरिकी भौगोलिक नामकरण व्यवस्था में बदलाव किए जाने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भौगोलिक स्थान का नाम बदलना हमेशा इतना सरल नहीं होता। खासकर तब, जब संबंधित स्थान दो देशों से जुड़ा हो। कनाडा अगर पुराने नाम का इस्तेमाल जारी रखता है, तो एक ही झील के लिए दोनों देशों में अलग-अलग नाम इस्तेमाल होने की स्थिति पैदा हो सकती है।
अमेरिका-कनाडा रिश्तों पर नजर
लेक ओंटारियो का नाम बदलने का फैसला केवल भौगोलिक नामकरण तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके राजनीतिक संदेश को लेकर भी चर्चा तेज हो सकती है। पहले से टैरिफ विवाद, व्यापारिक जवाबी कार्रवाई और ट्रंप की 51वें राज्य वाली टिप्पणियों ने रिश्तों में तनाव बढ़ाया है। अब ‘लेक अमेरिका’ का नया नाम इस विवाद में एक और प्रतीकात्मक मुद्दा जोड़ सकता है। आने वाले दिनों में कनाडा की आधिकारिक प्रतिक्रिया और दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय कर सकती है।
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