Trump Russia warning: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर रूस पर तीखा हमला बोला है। वॉशिंगटन के पास क्वांटिको मिलिट्री बेस पर आयोजित एक उच्चस्तरीय सैन्य बैठक के दौरान ट्रंप ने रूस को परमाणु हमले की कड़ी चेतावनी दी। इस बैठक में सैकड़ों जनरल, एडमिरल और रक्षा सलाहकार मौजूद थे। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका के पास दुनिया के सबसे बेहतरीन और खतरनाक परमाणु हथियार हैं।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका इनका इस्तेमाल नहीं करना चाहता।

रूस को दिखाई परमाणु ताकत
ट्रंप ने खुलासा किया कि जब रूस ने परमाणु हथियारों की धमकी दी, तो अमेरिका ने अपनी सबसे आधुनिक परमाणु पनडुब्बी रूस के पास तैनात कर दी। उन्होंने दावा किया कि यह पनडुब्बी दुनिया का सबसे ताकतवर हथियार है, जिसे कोई पकड़ नहीं सकता। ट्रंप ने कहा, “हमारी पनडुब्बियां रूस और चीन से करीब 25 साल आगे हैं।”

पुतिन को कहा ‘कागज का शेर’
ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर भी सीधा हमला करते हुए उन्हें ‘कागज का शेर’ कहा। उन्होंने बताया कि अलास्का में पुतिन के साथ हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने पुतिन से कहा, “आप ठीक नहीं दिख रहे हो। चार साल से एक ऐसा युद्ध लड़ रहे हो, जो एक हफ्ते में खत्म हो सकता था। क्या आप सिर्फ कागज (दिखावे) के शेर हो?” ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन पर गहरी नाराज़गी जताई और कहा कि उन्हें लगा था कि यह जंग जल्दी खत्म हो जाएगी।
जल्द बढ़ेगी हथियारों की बिक्री
ट्रंप ने अमेरिका की रक्षा नीति को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका जल्द ही हथियारों की बिक्री को तेज़ करेगा और पेंटागन इसकी आधिकारिक घोषणा करने वाला है। उन्होंने बताया कि कई देश अमेरिकी हथियार खरीदना चाहते हैं, लेकिन निर्माण में देरी हो रही है। ट्रंप ने कहा, “ये देश 95% हमारे साथ हैं, हालांकि 100% कहना सही नहीं होगा क्योंकि कोई भी देश कभी भी अपना रुख बदल सकता है।”
प्रक्रिया में बदलाव की मांग
वर्तमान नियमों के तहत अमेरिका में हथियारों की बिक्री से पहले कांग्रेस को 30 दिन पहले सूचित करना होता है। ट्रंप इस प्रक्रिया को तेज़ करना चाहते हैं ताकि अमेरिकी हथियारों की डिलीवरी में देरी न हो और वैश्विक रक्षा बाज़ार में अमेरिका की पकड़ मजबूत हो। डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान अमेरिका की वैश्विक सैन्य नीति, रूस से बढ़ते तनाव और यूक्रेन युद्ध के प्रति उनकी स्पष्ट राय को दर्शाता है। आने वाले दिनों में अमेरिका और रूस के रिश्तों पर इस बयान का प्रभाव देखा जा सकता है।











