Turkey Eurofighter Typhoon Deal : तुर्की अपनी वायुसेना की क्षमताएं बढ़ाने के लिए यूरोफाइटर टायफून लड़ाकू विमान हासिल करने की कोशिश तेज कर रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अंकारा अब कतर के पास मौजूद इस्तेमाल किए गए विमानों को खरीदने की संभावनाएं तलाश रहा है। यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है, जब ग्रीस के पास राफेल लड़ाकू विमान हैं और वह अमेरिका से एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। तुर्की की योजना अपनी वायुसेना की परिचालन जरूरतों को पूरा करने और क्षेत्रीय सैन्य संतुलन बनाए रखने की है।
तुर्की रक्षा मंत्रालय ने बातचीत की पुष्टि की
तुर्की के रक्षा मंत्रालय के मुख्य प्रवक्ता रियर एडमिरल जेकी अकतुर्क ने 22 अक्टूबर को बताया कि कतर से यूरोफाइटर टायफून विमान हासिल करने के लिए बातचीत जारी है। उनके मुताबिक, अगस्त और सितंबर में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बैठकें हुई थीं। इनमें संभावित विमानों और गोला-बारूद की संख्या, पायलटों तथा रखरखाव कर्मियों के प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। हालांकि, कतर से कितने विमान खरीदे जाएंगे और समझौता कब तक पूरा होगा, इसकी अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।
ब्रिटेन के साथ पहले ही कर चुका है 20 विमानों का सौदा
अक्टूबर 2025 में तुर्की ने ब्रिटेन के साथ 20 यूरोफाइटर टायफून लड़ाकू विमान खरीदने का समझौता किया था। इसके बाद राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने कतर और ओमान से अतिरिक्त विमान हासिल करने की संभावना तलाशने की बात कही थी। रिपोर्टों के अनुसार, ब्रिटेन के साथ हुए समझौते में अन्य देशों से विमान खरीदने की गुंजाइश भी है, लेकिन इसके लिए अलग अनुबंध और संबंधित प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
कतर के पास कितने यूरोफाइटर टायफून विमान हैं?
रिपोर्टों में बताया गया है कि कतर के पास 24 यूरोफाइटर टायफून ट्रेंच 3A विमान हैं। इसके अलावा उसने कतर अमीरी वायुसेना के लिए 12 ट्रेंच 4 विमानों का ऑर्डर दिया है। पूर्व में सामने आई जानकारी के मुताबिक, तुर्की की ओर से कतर के 12 से 24 विमानों को लेकर संभावित बातचीत की चर्चा हुई थी। हालांकि, वर्तमान वार्ता में विमान खरीद की संख्या को लेकर कोई अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
एफ-35 कार्यक्रम से बाहर होने के बाद बढ़ीं चुनौतियां
तुर्की की लड़ाकू विमान खरीद योजना के पीछे उसकी रक्षा जरूरतें भी अहम हैं। वर्ष 2019 में रूस से एस-400 वायु रक्षा प्रणाली खरीदने के बाद अमेरिका ने तुर्की को एफ-35 कार्यक्रम से बाहर कर दिया था। इसके बाद उस पर प्रतिबंध भी लगाए गए। इस घटनाक्रम ने तुर्की की आधुनिक लड़ाकू विमान क्षमता विकसित करने की योजनाओं को प्रभावित किया। तुर्की अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के केएएएन लड़ाकू विमान पर भी काम कर रहा है, लेकिन इसके विकास और इंजन आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।
ग्रीस की सैन्य क्षमता से बढ़ी प्रतिस्पर्धा
तुर्की और ग्रीस के बीच लंबे समय से क्षेत्रीय तथा सैन्य प्रतिस्पर्धा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, ग्रीस के पास 24 राफेल लड़ाकू विमान हैं और उसने 20 एफ-35 विमानों की खरीद के लिए अमेरिका के साथ समझौता किया है। ऐसे में तुर्की यूरोफाइटर टायफून जैसे आधुनिक विमानों के जरिए अपनी वायुसेना को मजबूत करना चाहता है। कतर के साथ संभावित सौदा इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम खरीद और उसकी समयसीमा आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
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