Ujjain Hotel Accident : मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। शहर के देवास रोड स्थित होटल श्री गंगा में वेस्टेज चैंबर की सफाई के दौरान चार कर्मचारियों की दम घुटने से मौत हो गई। शनिवार रात हुए इस हादसे के बाद होटल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चैंबर के अंदर बनी जहरीली गैस की चपेट में आने से कर्मचारियों की जान गई है।
रात 10:30 बजे सफाई के लिए चैंबर में उतरे थे कर्मचारी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, होटल श्री गंगा के दायीं ओर मिष्ठान और डेयरी उत्पादों के वेस्टेज के लिए चैंबर बनाया गया है। शनिवार रात करीब 10:30 बजे कुछ कर्मचारी इसकी सफाई करने के लिए अंदर उतरे थे। बताया जा रहा है कि चैंबर की गहराई और अंदर जमा कचरे से उत्पन्न गैस के कारण कर्मचारियों का दम घुटने लगा। वे बाहर निकलने में असमर्थ हो गए। जब काफी देर तक कर्मचारी बाहर नहीं आए तो होटल के अन्य स्टाफ और कर्मचारियों को घटना की जानकारी मिली। इसके बाद तत्काल पुलिस और बचाव दल को बुलाया गया।

इलेक्ट्रिक कटर और हथौड़े की मदद से चलाया गया रेस्क्यू
हादसे की सूचना मिलने पर उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। चैंबर के अंदर फंसे कर्मचारियों को बाहर निकालने में काफी परेशानी हुई। बचाव कार्य के दौरान चैंबर के हिस्से को इलेक्ट्रिक कटर से काटा गया। इसके बाद फंसे कर्मचारियों को बाहर निकालने की कोशिश की गई। पुलिस और रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद चारों कर्मचारियों को बाहर निकाला। इस दौरान चैंबर का फर्श और हिस्सा तोड़ने के लिए हथौड़े का भी इस्तेमाल किया गया।

पुलिस ने मौके पर दिया CPR, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
चैंबर से बाहर निकाले जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने चारों कर्मचारियों को तत्काल सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान कमलेश पिता सोहनलाल और नितिन पिता ताराचन्द, दोनों निवासी वाल्मीकि नगर उज्जैन, वाहिद निवासी सोमवारिया उज्जैन और मनोज मीणा निवासी झालावाड़ राजस्थान के रूप में हुई है।
बचाव के दौरान अन्य कर्मचारी भी गैस की चपेट में आए
चार कर्मचारियों को बचाने के लिए होटल के कुछ अन्य कर्मचारी भी चैंबर के पास पहुंचे थे। इस दौरान वे भी गैस की चपेट में आ गए। पुलिस के अनुसार, प्रभावित कर्मचारियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है। घटना के बाद होटल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और सफाई के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

जहरीली गैस बनी हादसे की वजह? पुलिस ने शुरू की जांच
एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, होटल के वेस्टेज चैंबर की सफाई के दौरान संभवत: जहरीली गैस के कारण चार कर्मचारियों की मौत हुई है। फिलहाल राहत और जांच की कार्रवाई जारी है। माधव नगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कर्मचारी किन परिस्थितियों में चैंबर के अंदर उतरे थे। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उन्हें अंदर जाने की अनुमति किसने दी थी और क्या सफाई के दौरान सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया गया था।
हादसे के बाद उठे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
पुलिस जांच में मुख्य रूप से यह पता लगाया जाएगा कि चैंबर के अंदर जहरीली गैस कैसे बनी या उसका रिसाव कैसे हुआ। क्या कर्मचारियों को ऑक्सीजन मास्क, सेफ्टी बेल्ट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? क्या चैंबर में उतरने से पहले गैस की जांच की गई थी? इसके अलावा होटल प्रबंधन और सफाई कार्य कराने वाले लोगों की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में है। फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगी।
क्या होता है मिठाई और डेयरी दुकानों का वेस्टेज चैंबर?
मिठाई की दुकानों, होटल और डेयरी इकाइयों में वेस्टेज चैंबर का इस्तेमाल उत्पादन के दौरान निकलने वाले अपशिष्ट को इकट्ठा करने और ड्रेनेज तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। इसमें पानी, चाशनी, घी, तेल और खाद्य पदार्थों के अवशेष जमा होते हैं। लंबे समय तक कचरा जमा रहने या उचित सफाई नहीं होने पर इसके भीतर खतरनाक गैसें बन सकती हैं। ऐसे बंद स्थानों में बिना गैस की जांच और जरूरी सुरक्षा उपकरणों के प्रवेश करना जानलेवा साबित हो सकता है।
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