INDIA Bloc Rally Delhi : देश की राजधानी दिल्ली में आज यानी 1 नवंबर को चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया के विरोध में विपक्षी INDIA गठबंधन की बड़ी महारैली आयोजित होने जा रही है। ऐतिहासिक रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ नाम दिया गया है। कांग्रेस के मुताबिक, इस आयोजन में 20 से अधिक विपक्षी दलों के शामिल होने की संभावना है। गठबंधन ने रैली में करीब 10 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस आयोजन को विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है।
राहुल गांधी, खड़गे और अखिलेश यादव समेत कई बड़े नेता होंगे शामिल
महारैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। रैली के मंच से नेता विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाएंगे। विपक्षी दलों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। गठबंधन का आरोप है कि SIR प्रक्रिया को लेकर कई राज्यों में मतदाताओं के बीच चिंताएं हैं। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इस प्रक्रिया को लेकर अलग पक्ष रखा गया है।

25 दिनों में नौवीं बार SIR के विरोध में एकजुट होगा विपक्ष
SIR के मुद्दे पर विपक्षी दल पिछले कई दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रस्तावित महारैली पिछले 25 दिनों में विपक्ष का नौवां बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा। इससे पहले 6 अक्टूबर से 13 अक्टूबर के बीच राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं ने आठ बार विरोध प्रदर्शन किए थे। अब रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली रैली के जरिए विपक्ष इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है। गठबंधन का प्रयास है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर व्यापक राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा हो।

सुबह 10 से शाम 5 बजे तक दिल्ली पुलिस की अनुमति
दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने के लिए रविवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की अनुमति दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय समाप्त होने के बाद मैदान खाली करना होगा। प्रदर्शनकारियों को रातभर रुकने की अनुमति नहीं दी गई है। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए मैदान के आसपास बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस की ओर से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां की गई हैं।
रामलीला मैदान में दो मंच, 45 हजार कुर्सियों की व्यवस्था
महारैली को लेकर रामलीला मैदान में बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। आयोजन स्थल पर विशाल तिरंगा लगाया गया है और दो मंच तैयार किए गए हैं। मुख्य मंच पर गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं के बैठने की व्यवस्था है। वहीं, अलग-अलग घटक दलों की प्रदेश इकाइयों के लिए भी मंच बनाया गया है। लोगों के बैठने के लिए करीब 40 से 45 हजार कुर्सियां लगाई गई हैं। मैदान के आसपास सफेद छतरियों वाले टेंट भी लगाए गए हैं। देर रात तक मिनी ट्रकों के जरिए कुर्सियां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जाता रहा। बारिश का पानी निकालने का काम भी जारी रहा। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच आयोजित करने की योजना है। कार्यकर्ताओं को दिल्ली और दूसरे राज्यों से लाने के लिए सैकड़ों बसों की व्यवस्था की जा रही है।

राहुल गांधी की व्यापारियों से खास अपील, खरीदारी करने का दिया संदेश
रैली से पहले राहुल गांधी ने शनिवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों लोग 1 नवंबर को रामलीला मैदान में मार्च और रैली में शामिल होने दिल्ली आ रहे हैं। त्योहारों के मौसम को देखते हुए उन्होंने बाहर से आने वाले लोगों से दिल्ली के व्यापारियों की दुकानों पर खरीदारी करने की अपील की। राहुल गांधी ने कहा कि रैली से कारोबारियों को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा इस आयोजन को लेकर व्यापारियों के बीच गलतफहमी और अफवाह फैला रही है।
व्यापारियों को 10 हजार करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका
दूसरी तरफ, दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने त्योहारों के बीच इतनी बड़ी रैली आयोजित करने पर चिंता जताई है। व्यापारियों ने राहुल गांधी को चार बार पत्र लिखकर रैली को 10 नवंबर तक टालने का अनुरोध किया था। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने भी INDIA गठबंधन के सभी दलों को पत्र भेजा था। CTI का अनुमान है कि रैली के कारण त्योहारी सीजन में दिल्ली के कारोबार को करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। वहीं, व्यापारियों के संगठन CAIT के मुताबिक, वर्ष 2025 में दिवाली के दौरान दिल्ली के बाजारों में लगभग 75 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था।
आज की महारैली पर देशभर की नजरें
SIR के विरोध में आयोजित इस महारैली में विपक्षी दल अपनी एकजुटता दिखाने के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। दूसरी ओर, दिल्ली के व्यापारी कारोबार पर संभावित असर को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में आज रामलीला मैदान में होने वाला यह आयोजन राजनीतिक विरोध के साथ-साथ व्यापार और राजधानी की व्यवस्थाओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


