Muharram Procession : मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। 23 जून की रात अडान मोहल्ले से निकाले जा रहे मुहर्रम के जुलूस में एक टाटा मैजिक वैन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट की ऊंचाई पर हवा में लटकाया गया था। वैन की छत पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहरा रहे थे, जबकि वैन पर ‘ले, फिर आ गए’ जैसे उत्तेजक संदेश लिखे हुए थे। कुछ देर बाद, हवा में लटकी हुई इसी वैन में एक जोरदार विस्फोट कर दिया गया। भीड़भाड़ वाले जय स्तंभ चौक पर हुए इस ब्लास्ट के बाद गाड़ी के टुकड़े और कांच चारों तरफ बिखर गए, जिससे वहां मौजूद लोगों की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था।

तीन गिरफ्तार, एटीएस और फोरेंसिक टीम जांच में शामिल
घटना के तुरंत बाद बड़नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शोएब, जाहिद और तपसील उर्फ तस्लीम नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, क्रेन के मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। चूंकि उज्जैन, उन्हेल, नागदा और महिदपुर जैसे क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील माने जाते हैं, इसलिए इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) भी जांच में जुट गई है। शुक्रवार को उज्जैन की फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ते (बीड़ीएस) ने घटनास्थल का दौरा कर वैन से साक्ष्य जुटाए हैं।

विस्फोट के पीछे के तीन बड़े सवाल
सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे प्रकरण को एक बड़े षड्यंत्र के नजरिए से देख रही हैं। जांच का केंद्र तीन मुख्य सवालों पर टिका है: पहला, इस सार्वजनिक विस्फोट के पीछे का वास्तविक उद्देश्य क्या था? दूसरा, वैन और तख्तियों पर लिखे ‘ले, फिर आ गए’ संदेश का क्या अर्थ है? और तीसरा, इस विस्फोट में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक किस प्रकार के थे और वे कहां से लाए गए थे? हालांकि आरोपियों ने दावा किया है कि उन्होंने 8 हजार रुपये के पटाखे खरीदे थे और उन्हीं के जरिए विस्फोट किया गया, लेकिन पुलिस इस दावे की बारीकी से तस्दीक कर रही है। वैन के अंदर से जले हुए पटाखे और वायरिंग बरामद हुई है, जो जांच का मुख्य आधार बनी है।
क्रेन मालिक की सफाई और पुलिस का रुख
पूछताछ में क्रेन मालिक गोपाल राठौर ने बताया कि उसे अखाड़ा समिति के सदस्यों ने पुष्प वर्षा (फूल बरसाने) के बहाने क्रेन किराए पर मांगी थी। उसने 2500 रुपये में क्रेन उपलब्ध कराई थी और उसे विस्फोट की किसी भी योजना की जानकारी नहीं थी। इस बीच, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करनदीप सिंह ने क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) के साथ संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया और लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बंद वैन के भीतर रॉकेट और सुतली बमों के इस्तेमाल से गैस बनी, जिसने विस्फोट को और अधिक तीव्र कर दिया। अब सभी की निगाहें फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस बात का खुलासा करेगी कि यह मात्र एक प्रदर्शन था या सुरक्षा के साथ किया गया कोई बड़ा खिलवाड़।
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