UP crime news: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर चिंताजनक खबर सामने आई है। जिले के गोपीगंज थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के कथित अपहरण का मामला प्रकाश में आया है। लड़की के परिजनों ने आरोपी युवक रविशंकर मिश्रा और उसके पिता पर बलात्कार का मुकदमा वापस न लेने पर बेटी को अगवा करने का आरोप लगाया है। यह घटना राज्य में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

क्या है पूरा मामला?
पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनकी बेटी के साथ पिछले साल दिसंबर में रविशंकर मिश्रा ने धोखे से ले जाकर दुष्कर्म किया था। आरोपी ने लड़की को उसकी मां की बीमारी का बहाना बनाकर स्कूल से बाहर बुलाया और फिर नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोशी की हालत में उसके साथ बलात्कार किया। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद रविशंकर को जेल भेजा गया था और जून 2025 में उसे ज़मानत मिली थी।

मुकदमा वापस लेने का दबाव
परिजनों का आरोप है कि जमानत पर रिहा होने के बाद रविशंकर मिश्रा और उसके पिता लगातार मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे थे। जब पीड़िता और उसके परिवार ने समझौते से इनकार किया, तो मंगलवार को लड़की अचानक लापता हो गई। परिजनों को शक है कि आरोपी ने लड़की का अपहरण कर लिया है और उसे नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
पुलिस की कार्रवाई
गोपीगंज थाने की पुलिस ने लड़की के पिता की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही लड़की को बरामद कर लिया जाएगा। इसके साथ ही आरोपी युवक और उसके पिता की गिरफ्तारी के प्रयास तेज़ कर दिए गए हैं।
महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार राज्य में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं के जरिए महिला सुरक्षा के दावे कर रही है। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में भी पीड़ितों को न्याय पाने के लिए अपार संघर्ष करना पड़ रहा है। मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव, धमकियां और अब अपहरण — यह सब राज्य की कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं।
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की यह घटना न केवल एक नाबालिग के साथ अन्याय की दास्तान है, बल्कि यह राज्य में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था की असलियत भी उजागर करती है। अब यह देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़िता को सुरक्षित वापस ला पाती है और न्याय दिलाने में सफल होती है।
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